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CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट

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CUET UG 2026: क्या है, कौन दे सकता है, पूरा  सिलेबस, कॉलेज लिस्ट, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी  गाइड अगर आप 12वीं पास हैं या देने वाले हैं और देश की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन चाहते हैं, तो CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) आपके लिए सबसे ज़रूरी परीक्षा है। इस ब्लॉग में हम CUET UG से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से समझेंगे— ताकि आपको किसी और वेबसाइट पर भटकना न पड़े। 🔹 CUET UG क्या है? CUET UG एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) , राज्य विश्वविद्यालयों , और कई प्राइवेट व डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में UG कोर्सेज़ (BA, BSc, BCom, BBA, BCA आदि) में एडमिशन लेते हैं। पहले अलग-अलग यूनिवर्सिटी अपनी-अपनी परीक्षा लेती थीं, लेकिन CUET के बाद एक ही परीक्षा से कई यूनिवर्सिटीज़ में मौका मिल जाता है। 🔹 CUET UG कौन आयोजित करता है? CUET UG परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है। 🔹 CUET UG क्यों जरूरी है? CUET UG का मकसद है👇 12वीं के अंकों में बोर्ड का फर्क खत्म करना सभ...

बिहार की मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना: 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली (MVUSY)



बिहार की मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना: 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली और प्रति यूनिट दरें*


बिहार सरकार ने *मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना (MVUSY)* शुरू की है, जो साउथ/नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL/NBPDCL) के तहत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करती है। यह योजना शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक राहत और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इस ब्लॉग में हम योजना के प्रमुख बिंदुओं, प्रति यूनिट बिजली की दरों, और अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं को विस्तार से समझेंगे।



योजना के तहत क्या मिलेगा?

इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक घरेलू उपभोक्ता को प्रति माह 125 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त मिलेगी। इसमें *ऊर्जा शुल्क (Energy Charge), फिक्स्ड चार्ज (Fixed Charge), और बिजली शुल्क (Electricity Duty)* शामिल हैं। यदि उपभोक्ता 125 यूनिट से अधिक बिजली का उपयोग करता है, तो अतिरिक्त यूनिट पर सामान्य दरों के अनुसार बिलिंग होगी। उदाहरण के लिए, यदि कोई उपभोक्ता 126 यूनिट उपयोग करता है, तो 125 यूनिट मुफ्त होंगी, और शेष 1 यूनिट पर ऊर्जा शुल्क, बिजली शुल्क, और फिक्स्ड चार्ज (सेंक्शन लोड या डिमांड लोड के आधार पर, जो अधिक हो) लागू होगा।


प्रति यूनिट बिजली की दरें

दस्तावेज में प्रति यूनिट बिजली की दरों का स्पष्ट उल्लेख नहीं है, लेकिन यह बताया गया है कि 125 यूनिट से अधिक खपत पर बिलिंग *सामान्य लागू दरों* के अनुसार होगी। बिहार में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा शुल्क सामान्यतः स्लैब के आधार पर निर्धारित होता है। सामान्य प्रचलित दरें (2025 तक अनुमानित) निम्नलिखित हो सकती हैं (नोट: ये दरें क्षेत्र और समय के अनुसार भिन्न हो सकती हैं, कृपया नवीनतम टैरिफ के लिए SBPDCL/NBPDCL की वेबसाइट देखें):

- *0-50 यूनिट*: ₹6.10 प्रति यूनिट

- *51-100 यूनिट*: ₹6.95 प्रति यूनिट

- *101-200 यूनिट*: ₹8.05 प्रति यूनिट

- *201 यूनिट से अधिक*: ₹8.85 प्रति यूनिट

इसके अतिरिक्त, बिजली शुल्क (Electricity Duty) और फिक्स्ड चार्ज (लोड के आधार पर, जैसे 1 किलोवाट के लिए ₹40-₹50 प्रति माह) लागू होता है। 125 यूनिट से अधिक खपत पर ये दरें अतिरिक्त यूनिट पर लागू होंगी।


125 यूनिट की गणना कैसे होगी?

125 यूनिट की गणना 30 दिनों के आधार पर *Pro Rata* विधि से की जाती है। उदाहरण:

- यदि बिलिंग अवधि 40 दिन है और खपत 200 यूनिट है, तो 125 x 40/30 = *167 यूनिट* तक मुफ्त बिजली मिलेगी। शेष 33 यूनिट पर सामान्य दरें लागू होंगी।

- यदि बिलिंग अवधि 25 दिन है और खपत 125 यूनिट है, तो 125 x 25/30 = *104 यूनिट* तक मुफ्त मिलेगी, और शेष 21 यूनिट पर बिलिंग होगी।


सौर ऊर्जा और योजना का संबंध

योजना उपभोक्ताओं को अगले तीन वर्षों में 1.1 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करती है। *कुटिर ज्योति उपभोक्ताओं* को पूर्ण वित्तीय सहायता मिलेगी, जबकि अन्य उपभोक्ताओं को अतिरिक्त सब्सिडी दी जाएगी। एक 1.1 किलोवाट सौर संयंत्र औसतन 125 यूनिट बिजली प्रति माह उत्पन्न कर सकता है। सौर संयंत्र न लगाने पर भी योजना का लाभ जारी रहेगा, लेकिन सौर ऊर्जा को अपनाने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।


 पुराने बकाया और शर्तें

जुलाई 2025 से पहले के बकाया बिलों को उपभोक्ता को चुकाना होगा, क्योंकि यह योजना केवल जुलाई 2025 के बाद की खपत पर लागू है। योजना में शामिल होने के लिए कोई विशेष शर्त नहीं है, और यह सभी घरेलू उपभोक्ताओं (शहरी और ग्रामीण) के लिए उपलब्ध है। बिल में "राज्य सरकार का अनुदान" शीर्षक के तहत सब्सिडी की जानकारी दी जाएगी।


स्मार्ट प्रीपेड मीटर और किरायेदारों के लिए

स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए 125 यूनिट तक कोई शुल्क नहीं काटा जाएगा। इसके बाद की खपत पर ऊर्जा शुल्क और बिजली शुल्क लागू होगा। किरायेदार, जिनके पास SBPDCL/NBPDCL का सब-मीटर है, भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। सौर संयंत्र वाले उपभोक्ताओं के लिए आयात और निर्यात बिजली की गणना के बाद 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी।

सामाजिक और पर्यावरणीय प्रभाव

यह योजना बिहार के लाखों परिवारों के लिए आर्थिक राहत लाएगी और बिजली बिल के बोझ को कम करेगी। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देकर यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक कदम है। सौर संयंत्रों के लिए दी जाने वाली सब्सिडी उपभोक्ताओं को नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।


निष्कर्ष

मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना बिहार के उपभोक्ताओं के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की पहल न केवल आर्थिक लाभ प्रदान करेगी, बल्कि पर्यावरण जागरूकता भी बढ़ाएगी। उपभोक्ताओं को अपने बिजली बिल की जांच करनी चाहिए और नवीनतम टैरिफ दरों की जानकारी के लिए SBPDCL/NBPDCL की वेबसाइट देखनी चाहिए। सौर संयंत्र स्थापित करने पर विचार करें, क्योंकि यह न केवल बिजली बिल को कम करेगा, बल्कि दीर्घकालिक बचत भी सुनिश्चित करेगा।

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