CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट
दिव्यांगजनों के लिए NHFDC की योजनाएं: आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम
भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (NDFDC)—जिसे पहले NHFDC के नाम से जाना जाता था—दिव्यांगजनों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। इसकी कई योजनाएं और ऋण सुविधाएं विशेष रूप से उन व्यक्तियों के लिए तैयार की गई हैं जो शारीरिक या मानसिक रूप से दिव्यांग हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें।
आइए, इन योजनाओं को विस्तार से समझते हैं:
यह योजना दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोजगार या छोटे व्यापार की शुरुआत या विस्तार के लिए रियायती दरों पर ऋण प्रदान करती है। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को किसी के ऊपर निर्भर रहने से मुक्त करना और उन्हें स्वावलंबी बनाना है।
ऋण की सीमा:
₹2.5 लाख तक: यह राशि उन छोटे व्यवसायों के लिए है जैसे सिलाई, मरम्मत की दुकानें, प्रशिक्षण केंद्र, Xerox दुकानें, वर्कशॉप आदि।
₹20 लाख तक: यह अधिकतम राशि उत्पादन आधारित इकाइयों के लिए दी जाती है जैसे डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, सॉफ्टवेयर, गारमेंट, पैकेजिंग आदि।
यह योजना विशेष रूप से उन दिव्यांगजनों के लिए बनाई गई है जो बहुत छोटे स्तर पर कोई व्यापार शुरू करना चाहते हैं। इस योजना के अंतर्गत NBFC‑MFIs, स्वयं सहायता समूह, NGOs और राज्य मिशनों के माध्यम से शीघ्र और आवश्यकतानुसार वित्तीय सहायता दी जाती है।
जो दिव्यांगजन पढ़ाई या स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं, उनके लिए NHFDC शिक्षा ऋण और प्रशिक्षण के लिए अनुदान की व्यवस्था करता है।
शैक्षिक ऋण: यह UG, PG और पीएचडी स्तर के कोर्सों के लिए मान्यता प्राप्त संस्थानों में पढ़ाई के लिए दिया जाता है।
ग्रांट: तकनीकी डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स के लिए शुल्क और हॉस्टल की लागत को कवर किया जाता है (यदि कोई अन्य छूट उपलब्ध न हो)।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांगजनों के लिए कृषि से संबंधित कार्यों के लिए ₹5 लाख तक का ऋण दिया जाता है। इसमें खेती, सिंचाई, बागवानी, रेशम उत्पादन, कृषि उपकरण खरीदना, फसल का विपणन आदि शामिल हैं।
इस योजना का मकसद छोटे स्तर पर सहायक उपकरण (जैसे व्हीलचेयर, ब्रेलर, हियरिंग एड आदि) का निर्माण करने वाली इकाइयों को बढ़ावा देना है। ₹25 लाख तक का ऋण उन इकाइयों को दिया जाता है, जो राष्ट्रीय R&D कार्यक्रमों के तहत ऐसे उपकरण बनाती हैं और जिनमें दिव्यांगजनों को काम पर रखा जाता है।
दिव्यांगजनों को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों, NGOs या SCAs को NHFDC वित्तीय सहायता देता है ताकि नए प्रशिक्षण केंद्र खोले जा सकें या मौजूदा केंद्रों को अपग्रेड किया जा सके। इसके अलावा, मौजूदा दिव्यांग उद्यमियों को स्किल अपग्रेड करने के लिए भी लोन आधारित सहायता दी जाती है।
कई दिव्यांगजन ऐसे होते हैं जो कानूनी रूप से किसी अनुबंध पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। ऐसे मामलों में उनके माता-पिता या जीवनसाथी प्रोजेक्ट शुरू कर सकते हैं—जैसे सिलाई यूनिट, अचार निर्माण, DTP, Xerox यूनिट, पोल्ट्री फार्म आदि। इस योजना के अंतर्गत ₹2.5 लाख तक का ऋण मिलता है।
दिव्यांग छात्रों के लिए NHFDC हर साल 2,500 छात्रवृत्तियां प्रदान करता है। इसमें 30% छात्रवृत्तियां लड़कियों के लिए आरक्षित होती हैं (यदि उपयोग न हो तो यह अन्य छात्रों को दी जा सकती हैं)।
मुख्य लाभ:
शुल्क प्रतिपूर्ति: जो फीस रिफंड नहीं होती, उसे वापस किया जाता है।
भत्ता: UG छात्रों को ₹2,500 और PG छात्रों को ₹3,000 प्रति माह (10 महीने तक)।
स्टेशनरी व किताबें: UG के लिए ₹6,000 और PG के लिए ₹10,000 प्रति वर्ष।
सहायक उपकरण: लैपटॉप, ब्रेलर, हियरिंग एड आदि के लिए एक बार की सहायता (₹40,000–₹70,000 तक)।
योग्यता: वार्षिक पारिवारिक आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और छात्र किसी अन्य स्कॉलरशिप का लाभ नहीं ले रहे हों।
NHFDC/NDFDC की ये योजनाएं दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। चाहे आप पढ़ाई करना चाहते हों, कोई व्यापार शुरू करना हो, खेती करना चाहते हों या सहायक उपकरण बनाना—हर ज़रूरत के लिए यहां एक विशेष योजना मौजूद है।
अगर आप या आपके परिवार में कोई व्यक्ति इन योजनाओं के लिए पात्र है, तो आज ही NHFDC की आधिकारिक वेबसाइट https://www.ndfdc.nic.in/ पर जाकर पूरी जानकारी प्राप्त करें और आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
यहाँ "कैसे करें आवेदन" प्रक्रिया को एक सरल और मानवीय भाषा में ब्लॉग रूप में प्रस्तुत किया गया है:
अगर आप दिव्यांगजन हैं या किसी दिव्यांग व्यक्ति के अभिभावक हैं और NHFDC (अब NDFDC) की किसी योजना—जैसे स्वरोजगार, शिक्षा, प्रशिक्षण, कृषि या स्कॉलरशिप—का लाभ उठाना चाहते हैं, तो यह ब्लॉग आपके लिए है।
यहाँ हम NHFDC की किसी भी योजना के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से और सरल शब्दों में समझा रहे हैं।
सबसे पहले https://www.ndfdc.nic.in/ पर जाएं। वेबसाइट पर "SCHEME" या "योजनाएं" नामक सेक्शन खोजें। वहाँ आपको सभी सक्रिय योजनाओं की सूची और संबंधित PDF गाइडलाइन्स मिलेंगी—जैसे कि दिव्यांगजन स्वावलंबन योजना .
यह गाइडलाइन आपको बताएगी कि योजना के लिए क्या-क्या आवश्यक है, कौन पात्र है और प्रक्रिया क्या होगी।
हर राज्य में NHFDC की योजनाओं को लागू करने के लिए एक अधिकृत एजेंसी होती है जिसे State Channelizing Agency (SCA) कहते हैं। उदाहरण के लिए, बिहार में यह जिम्मेदारी Composite Regional Centre (CRC) Patna निभाता है।
इस एजेंसी के माध्यम से ही आपके आवेदन को आगे बढ़ाया जाएगा, इसलिए उसे पहचानना जरूरी है।
कुछ योजनाओं के लिए, खासकर जब आवेदन मानसिक मंदता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी जैसी स्थितियों वाले व्यक्तियों के लिए किया जा रहा हो, तो Parents' Group या किसी Registered Society के माध्यम से आवेदन करना होता है।
यह समूह Societies Registration Act के तहत रजिस्टर्ड होना चाहिए।
यदि योजना में व्यक्तिगत रूप से आवेदन की अनुमति है, तो आप सीधे भी अप्लाई कर सकते हैं।
सरकारी वेबसाइट से योजना का निर्धारित Application Form डाउनलोड करें। इसे सावधानीपूर्वक भरें और सभी जरूरी दस्तावेज़ साथ संलग्न करें (जैसे पहचान पत्र, दिव्यांग प्रमाण पत्र, इनकम सर्टिफिकेट आदि)।
आपका आवेदन दो तरीकों से जमा करना होता है:
ऑनलाइन कॉपी: यदि ऑनलाइन पोर्टल की सुविधा उपलब्ध है, तो आवेदन की सॉफ्ट कॉपी वेबसाइट पर अपलोड करें।
हार्ड कॉपी: भरे हुए फॉर्म की प्रिंटेड और हस्ताक्षरित कॉपी, सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ, निर्धारित पते पर भेजें। यह पता योजना की गाइडलाइन में दिया गया होता है, जैसे कि NHFDC का मुख्यालय या संबंधित CRC/SCA का पता।
आपके आवेदन की समीक्षा एक समिति द्वारा प्रत्येक तिमाही (quarterly) की जाती है। समिति यह देखती है कि आवेदन सभी शर्तों को पूरा करता है या नहीं। यदि आपका आवेदन स्वीकार हो जाता है, तो आपको स्वीकृति पत्र (Sanction Letter) मिलेगा और लोन या सहायता राशि आपकी चुनी गई एजेंसी या बैंक के माध्यम से ट्रांसफर कर दी जाएगी।
आवेदन भरने से पहले सभी गाइडलाइन्स ध्यान से पढ़ें।
सभी दस्तावेज सत्यापित (attested) रूप में संलग्न करें।
समय सीमा का ध्यान रखें और ऑनलाइन + ऑफलाइन दोनों रूपों में आवेदन करें ताकि आवेदन अस्वीकृत न हो।
अपने राज्य की SCA से संपर्क में रहें और अपडेट लेते रहें।
NHFDC/NDFDC की योजनाएं दिव्यांगजनों के लिए आजीविका, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के द्वार खोलती हैं। सही जानकारी और पूरी तैयारी के साथ आप भी इन योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को जानना पहला और सबसे ज़रूरी कदम है—और अब आप इसके लिए तैयार हैं।
अगर आपको आवेदन में किसी विशेष योजना के लिए सहायता चाहिए, जैसे कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना, या दस्तावेज़ की जांच करवाना, तो आप पूछ सकते हैं—मैं आपकी मदद के लिए यहाँ हूँ।
अगर आप NHFDC (अब NDFDC) की किसी योजना के लिए आवेदन करने की सोच रहे हैं—चाहे वह स्वरोजगार योजना हो, छात्रवृत्ति, प्रशिक्षण सहायता, कृषि से जुड़ी सहायता या सहायक उपकरण निर्माण—तो सबसे पहला और अहम कदम है: सभी जरूरी दस्तावेज़ों को सही तरीके से तैयार और संलग्न करना।
नीचे उन सभी दस्तावेजों की सूची दी जा रही है जो सामान्यत: किसी भी योजना के आवेदन के साथ मांगे जाते हैं। ध्यान दें, कुछ योजनाओं में अतिरिक्त दस्तावेज़ की आवश्यकता हो सकती है, जो राज्य या योजना की प्रकृति पर निर्भर करता है।
सबसे जरूरी दस्तावेज है एक वैध दिव्यांग प्रमाण पत्र। यह SADAREM प्रमाण पत्र या किसी अधिकृत चिकित्सा अधिकारी/गजटेड अधिकारी द्वारा जारी किया गया कोई अन्य प्रमाण पत्र हो सकता है। यह प्रमाणित करता है कि आवेदक दिव्यांगजन की श्रेणी में आता है।
आवेदक और उनके अभिभावक (जहां लागू हो) का आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र जरूरी है। इससे आपकी पहचान, पता और वैधता की पुष्टि होती है।
अगर आपके पास UDID कार्ड है (जो अब केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है), तो इसे जरूर संलग्न करें। यह आपके दिव्यांगजन के रूप में डिजिटल पहचान का प्रमाण है।
यदि आप किसी Parent Group या पंजीकृत सोसाइटी के माध्यम से आवेदन कर रहे हैं, तो उसका रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट भी लगाना अनिवार्य है। यह दिखाता है कि आपकी संस्था कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है।
स्वरोजगार, कृषि या उपकरण निर्माण जैसी योजनाओं के लिए, एक विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट आवश्यक होती है। इसमें निम्न बातें शामिल होनी चाहिए:
लागत का पूरा विवरण (Cost breakdown)
अनुमानित आय (Revenue estimation)
कितने दिव्यांगजन को रोजगार मिलेगा (कम से कम 15% PwDs का रोजगार योगदान)
यदि आप छात्रवृत्ति या प्रशिक्षण सहायता के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो अपनी पिछली शैक्षणिक योग्यता की मार्कशीट्स या प्रमाणपत्र अवश्य संलग्न करें।
राजस्व विभाग से जारी प्रमाण पत्र, या
इनकम टैक्स रिटर्न / सैलरी स्लिप्स
छात्रवृत्ति या सब्सिडी योजनाओं के लिए परिवार की सालाना आय ₹3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
यदि आप किसी कोर्स, हॉस्टल शुल्क या सहायक उपकरण (जैसे लैपटॉप, ब्रेलर, हियरिंग एड) के लिए सहायता चाहते हैं, तो संबंधित फीस की रसीद, हॉस्टल शुल्क की रसीद या इनवॉइस प्रूफ अवश्य संलग्न करें।
NHFDC द्वारा फंड सीधे आपके खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, इसलिए बैंक पासबुक की फोटो कॉपी और एक कैंसिल चेक देना अनिवार्य होता है।
कुछ राज्यों में स्थानीय SCAs द्वारा अतिरिक्त दस्तावेज़ भी मांगे जा सकते हैं, जैसे:
मेडिकल रिपोर्ट
ट्रेनिंग सर्टिफिकेट्स
समाजसेवी संगठन का समर्थन पत्र
इसलिए, हमेशा अपने राज्य की चैनलाइजिंग एजेंसी (SCA) से संपर्क करें और उनकी चेकलिस्ट के अनुसार दस्तावेज तैयार करें।
NHFDC/NDFDC की किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों की सटीकता और पूर्णता बहुत महत्वपूर्ण है। अधूरे या गलत दस्तावेजों के कारण आवेदन अस्वीकृत हो सकता है। इसलिए:
सभी दस्तावेज पहले से तैयार रखें
उन्हें आवश्यकतानुसार स्वप्रमाणित (self-attested) या गजटेड अधिकारी से प्रमाणित करवाएं
सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी दोनों तैयार रखें
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