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CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट

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CUET UG 2026: क्या है, कौन दे सकता है, पूरा  सिलेबस, कॉलेज लिस्ट, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी  गाइड अगर आप 12वीं पास हैं या देने वाले हैं और देश की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन चाहते हैं, तो CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) आपके लिए सबसे ज़रूरी परीक्षा है। इस ब्लॉग में हम CUET UG से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से समझेंगे— ताकि आपको किसी और वेबसाइट पर भटकना न पड़े। 🔹 CUET UG क्या है? CUET UG एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) , राज्य विश्वविद्यालयों , और कई प्राइवेट व डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में UG कोर्सेज़ (BA, BSc, BCom, BBA, BCA आदि) में एडमिशन लेते हैं। पहले अलग-अलग यूनिवर्सिटी अपनी-अपनी परीक्षा लेती थीं, लेकिन CUET के बाद एक ही परीक्षा से कई यूनिवर्सिटीज़ में मौका मिल जाता है। 🔹 CUET UG कौन आयोजित करता है? CUET UG परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है। 🔹 CUET UG क्यों जरूरी है? CUET UG का मकसद है👇 12वीं के अंकों में बोर्ड का फर्क खत्म करना सभ...

गेहूं बिक्री पंजीकरण 2026–27: ई-सहकारी पोर्टल, MSP ₹2585, अप्रैल से खरीद

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गेहूं बिक्री 2026–27: ई-सहकारी पोर्टल पर पंजीकरण शुरू, अप्रैल से होगी सरकारी खरीद बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने रबी विपणन मौसम 2026–27 के तहत गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। किसान अब ई-सहकारी पोर्टल के माध्यम से घर बैठे गेहूं बिक्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण पूरा करने वाले किसानों से सरकार अप्रैल माह से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद करेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, पारदर्शी खरीद और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। गेहूं बिक्री पंजीकरण के लिए आधिकारिक वेबसाइट किसान नीचे दी गई आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं: 👉 https://esahkari.bihar.gov.in/coop/MIS/FarmerReg/WheatFarmerReg_2627.aspx यही पोर्टल बिहार सरकार द्वारा गेहूं खरीद के लिए अधिकृत है। गेहूं खरीद 2026–27 की मुख्य बातें फसल : गेहूं विपणन मौसम : रबी 2026–27 पंजीकरण माध्यम : ऑनलाइन (ई-सहकारी पोर्टल) खरीद की शुरुआत : अप्रैल 2026 से खरीद स्थल : पैक्स (PACS) / व्यापार मंडल भुगतान : सीधे बैंक खाते में गेहूं का...

अटल पेंशन योजना 2031 तक जारी रहेगी, करोड़ों को मिलेगी पेंशन सुरक्षा

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  अटल पेंशन योजना 2031 तक जारी रहेगी, करोड़ों  लोगों को मिलेगी पेंशन सुरक्षा भारत सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक अहम स्पष्टता दी है। अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana – APY) को 2031 तक जारी रखने की रूपरेखा तय की गई है। इसका सीधा लाभ देश के करोड़ों असंगठित क्षेत्र के कामगारों, मजदूरों, छोटे कर्मचारियों और स्वरोज़गार करने वाले लोगों को मिलेगा, जिन्हें बुढ़ापे में निश्चित पेंशन की सुरक्षा मिलती रहेगी। यह खबर उन लोगों के लिए राहत भरी है जो पहले से इस योजना से जुड़े हैं या जुड़ने की पात्रता रखते हैं। 🔎 अटल पेंशन योजना क्या है? (What is Atal Pension Yojana) अटल पेंशन योजना भारत सरकार की एक सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसकी शुरुआत 2015 में की गई थी। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को 60 वर्ष की आयु के बाद सुनिश्चित मासिक पेंशन देना है। इस योजना के तहत लाभार्थी को ₹1000 से लेकर ₹5000 तक की मासिक पेंशन मिलती है, जो उसके योगदान पर निर्भर करती है। 📢 2031 तक जारी रहने का क्या मतलब है? यहां एक बात साफ समझना जरूरी है: ❌ इसका मतलब यह नहीं ...

किशोरी स्वास्थ्य दिवस: स्कूलों में करियर, स्वास्थ्य और परिवार संतुलन की पहल

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  बच्चे सीखेंगे करियर, स्वास्थ्य और परिवार में संतुलन बनाना:  स्कूलों में मनाया जाएगा किशोरी स्वास्थ्य दिवस Last Updated On 25/01/26 आज के समय में छात्रों की सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ पढ़ाई नहीं, बल्कि करियर का दबाव, मानसिक स्वास्थ्य, शारीरिक बदलाव और पारिवारिक संतुलन भी है। इसी जरूरत को देखते हुए अब स्कूलों में एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। अख़बार में प्रकाशित खबर के अनुसार हर महीने की 8 तारीख को स्कूलों में “किशोरी स्वास्थ्य दिवस” मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य किशोर-किशोरियों को लाइफ स्किल्स, स्वास्थ्य जागरूकता और करियर संतुलन सिखाना है। किशोरी स्वास्थ्य दिवस क्या है? (Kishori Swasthya Diwas) किशोरी स्वास्थ्य दिवस एक स्कूल-आधारित सरकारी कार्यक्रम है, जिसके तहत छात्रों को किशोरावस्था से जुड़ी शारीरिक, मानसिक और सामाजिक समस्याओं की सही जानकारी दी जाएगी। यह कार्यक्रम खास तौर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए तैयार किया गया है। स्कूलों में बच्चों को क्या-क्या सिखाया जाएगा? इस पहल का मुख्य फोकस Life Skills Education in Schools पर है। इसमें निम्न विषय शामिल होंगे...

PM SVANidhi Credit Card Launch 2026: स्ट्रीट वेंडर्स को UPI Credit Card

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  PM SVANidhi Credit Card Launch 2026: स्ट्रीट वेंडर्स को पहली बार मिलेगा UPI क्रेडिट कार्ड Last Updated On 24/01/26 23 जनवरी 2026 को केंद्र सरकार ने PM SVANidhi योजना के तहत एक बड़ा बदलाव किया। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने PM SVANidhi Credit Card की शुरुआत की, जिससे रेहड़ी-पटरी वाले भी अब क्रेडिट कार्ड के जरिए डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि स्ट्रीट वेंडर्स को बैंकिंग सिस्टम की मुख्यधारा में लाने का प्रयास है। 🔎 PM SVANidhi Credit Card का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को तुरंत क्रेडिट उपलब्ध कराना कैश पर निर्भरता कम करना डिजिटल इंडिया को जमीनी स्तर तक पहुंचाना 📊 कार्ड की पूरी जानकारी बिंदु विवरण अधिकतम लिमिट ₹30,000 न्यूनतम लिमिट ₹10,000 भुगतान माध्यम UPI / QR Code ब्याज नाममात्र अवधि 5 वर्ष ✅ पात्रता शर्तें PM SVANidhi योजना के लाभार्थी हों दूसरी या तीसरी किस्त का लोन समय पर चुकाया हो बैंक रिकॉर्ड संतोषजनक हो 📈 सरकार को क्या फायदा? डिजिटल ट्रांजैक्शन में बढ़ोतरी MSME सेक्टर को मजबूती अनौपचारिक अर्थव्यवस्था का औपचारिकरण ...

UGC मानकों के अनुसार प्राइवेट यूनिवर्सिटी से PhD: क्या डिग्री मान्य है?

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  UGC मानकों के अनुसार प्राइवेट यूनिवर्सिटी से  PhD: क्या डिग्री पूरी तरह मान्य होती है? Last Updated On 22/01/26 भारत में PhD करने वाले हजारों छात्रों के मन में आज भी एक बड़ा सवाल रहता है— क्या प्राइवेट यूनिवर्सिटी से की गई PhD मान्य होती है या नहीं? अख़बार में प्रकाशित हालिया रिपोर्ट और UGC के नियम इस भ्रम को साफ तौर पर दूर करते हैं। सच्चाई यह है कि PhD की मान्यता यूनिवर्सिटी के सरकारी या प्राइवेट होने से तय नहीं होती , बल्कि इस बात से तय होती है कि वह UGC के निर्धारित मानकों का पालन कर रही है या नहीं । UGC का स्पष्ट नियम: मान्यता नियमों से तय होती है, नाम से नहीं UGC ने साफ कहा है कि: अगर कोई यूनिवर्सिटी UGC से मान्यता प्राप्त है और PhD कार्यक्रम UGC PhD Regulations के अनुसार संचालित हो रहा है तो उस यूनिवर्सिटी से की गई PhD पूरी तरह वैध और मान्य मानी जाएगी, चाहे वह यूनिवर्सिटी सरकारी हो या प्राइवेट । यही बात अख़बार की खबर का मूल संदेश भी है। प्राइवेट यूनिवर्सिटी से PhD को लेकर भ्रम क्यों है? भ्रम की सबसे बड़ी वजह यह रही है कि: पहले कई जगह नियमों का उल्लंघन हुआ कुछ संस्थान...

रक्षा क्षेत्र में बढ़ती नौकरी की सुरक्षा: युवाओं के लिए सुरक्षित सरकारी करियर

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  रक्षा क्षेत्र में बढ़ती नौकरी की सुरक्षा: युवाओं के लिए  क्यों बन रहा है डिफेंस सेक्टर भरोसेमंद सरकारी  करियर आज के समय में सबसे बड़ा सवाल यही है— नौकरी कितनी सुरक्षित है? प्राइवेट सेक्टर में छंटनी, कॉन्ट्रैक्ट जॉब और अस्थिरता आम होती जा रही है। ऐसे माहौल में भारत का रक्षा क्षेत्र (Defence Sector) एक ऐसा विकल्प बनकर उभर रहा है, जहाँ न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं बल्कि नौकरी की सुरक्षा भी मजबूत हो रही है । सरकार की नीतियों, बढ़ते रक्षा बजट और आत्मनिर्भर भारत अभियान के चलते डिफेंस सेक्टर अब युवाओं के लिए एक लॉन्ग-टर्म सरकारी करियर के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा क्षेत्र में नौकरी की सुरक्षा क्यों बढ़ रही है? भारत की सुरक्षा जरूरतें अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं हैं। आज सुरक्षा का मतलब है: साइबर सुरक्षा ड्रोन और आधुनिक निगरानी सिस्टम सैटेलाइट और स्पेस डिफेंस डेटा, नेटवर्क और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा इन सभी क्षेत्रों में सरकार लगातार निवेश कर रही है, जिसका सीधा असर स्थायी नौकरियों और नई भर्तियों पर पड़ रहा है। सरकार की नीतियाँ और ब...