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CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट

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CUET UG 2026: क्या है, कौन दे सकता है, पूरा  सिलेबस, कॉलेज लिस्ट, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी  गाइड अगर आप 12वीं पास हैं या देने वाले हैं और देश की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन चाहते हैं, तो CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) आपके लिए सबसे ज़रूरी परीक्षा है। इस ब्लॉग में हम CUET UG से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से समझेंगे— ताकि आपको किसी और वेबसाइट पर भटकना न पड़े। 🔹 CUET UG क्या है? CUET UG एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) , राज्य विश्वविद्यालयों , और कई प्राइवेट व डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में UG कोर्सेज़ (BA, BSc, BCom, BBA, BCA आदि) में एडमिशन लेते हैं। पहले अलग-अलग यूनिवर्सिटी अपनी-अपनी परीक्षा लेती थीं, लेकिन CUET के बाद एक ही परीक्षा से कई यूनिवर्सिटीज़ में मौका मिल जाता है। 🔹 CUET UG कौन आयोजित करता है? CUET UG परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है। 🔹 CUET UG क्यों जरूरी है? CUET UG का मकसद है👇 12वीं के अंकों में बोर्ड का फर्क खत्म करना सभ...

MSME लोन 2025: बिना गारंटी पाएं ₹2 करोड़ तक का लोन CGTMSE योजना से



MSME और CGTMSE – एक परिचय


भारत की अर्थव्यवस्था में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) की महत्वपूर्ण भूमिका है। अक्सर इन उद्यमों को बैंक से ऋण लेने में समस्या होती है, खासकर जब वे कोलैटरल या संपार्श्विक नहीं रख पाते। ऐसी स्थिति में, CGTMSE (Credit Guarantee Fund Trust for Micro and Small Enterprises) एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेपकारी योजना है, जिसे माइक्रो, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और SIDBI द्वारा मिलकर संचालित किया जाता है  ।


CGTMSE योजना की स्थापना का उद्देश्य MSMEs को बिना किसी व्यक्तिगत या तीसरे पक्ष की गारंटी अथवा संपार्श्विक के भी बैंक ऋण उपलब्ध कराना है। यह योजना MSMEs के वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देती है और नये उद्यमियों को आसानी से ऋण उपलब्ध करा कर अर्थव्यवस्था में सहभागिता सुनिश्चित करती है।



1. CGTMSE की संरचना और उद्देश्य


सह‑संस्थापनकर्ता: Ministry of MSME और SIDBI, सरकार की गारंटी लेते हुए वित्तीय संस्थानों (banks/NBFCs) को जोखिम कम करके अनसिक्योर लोन देने के लिए प्रेरित करते हैं  ।


मुख्य लक्ष्य:


नए MSMEs को बिना संपार्श्विक के ऋण उपलब्ध कराना,


सीमांत व पिछड़े वर्गों को वित्तीय पहुँच देना,


व्यवसाय विस्तार हेतु कार्यशील पूंजी और टर्म लोन में सहायता प्रदान करना।


2. योजना की अवधि, सीमा और गारंटी कवरेज


ऋण सीमा: अब ₹10 करोड़ तक की गारंटी कवरेज प्रदान की जाती है, जो अप्रैल 2025 से लागू है (पूर्व में रु. 500 लाख की सीमा थी)  ।


गारंटी कवरेज स्तर:


₹5 लाख तक (Micro enterprises / महिलाओंNorth‑East): 85%–90% तक कवरेज  ।


₹5 लाख–₹1 करोड़: 75% कवरेज


₹1 करोड़₹5 करोड़: 50% कवरेज


₹5 करोड़–₹10 करोड़ के स्तर तक: 1.00%–1.20% की AGF स्लैब दरों पर कवरेज  ।



Hybrid / Partial Collateral Security Model: गारंटी केवल उसके unsecured हिस्से पर लागू होती है यदि बैंक ने कुछ collateral लिया हो। इस स्थिति में CGTMSE उस हिस्से की गारंटी देता है जो unsecured है, और CGTMSE को उस collateral पर notionally दूसरा चार्ज होता है  ।



3. वार्षिक गारंटी शुल्क (Annual Guarantee Fee – AGF) और शुल्क संरचना


नवीनतम AGF स्लैब (01 अप्रैल 2025 से लागू):


₹0–10 लाख: 0.37% प्रति वर्ष


₹10–50 लाख: 0.55%


₹50 लाख–₹1 करोड़: 0.60%


₹1–₹2 करोड़: 0.85%


₹2–₹5 करोड़: 1.00%


₹5–₹8 करोड़: 1.10%


₹8–₹10 करोड़: **1.20%**  ।



विशेष छूटें:


बेहतर पोर्टफोलियो वाले MLIs को 10% तक छूट।


अधिक जोखिम वाले MLIs को मानक दर का 70% तक प्रीमियम लगता है।


Special category ondernemers जैसे महिलाएं, SC/ST, PwD, Agniveers, ट्रांसजेंडर, उत्तर-पूर्व भारत, आइडेंटिफाइड क्रेडिट डेफिशिएंट डिस्ट्रिक्ट और ZED certified यूनिट्स को अतिरिक्त 10% रियायत मिलेगी  ।



AGF की देयता:


पहला वर्ष: गारंटीकृत राशि पर अग्रिम शुल्क।


बाद के वर्ष: बकाया (outstanding) राशि पर AGF लगती है, जिसे MLIs या बैंक ग्राहकों से वसूल सकते हैं, या स्वयं वहन कर सकते हैं (bore)  ।



4. पात्रता व आवेदन प्रक्रिया


पात्रता


Udyam Registered MSME होना आवश्यक है।


कोई भी प्रकार की MSME, चाहे manufacturing, services, retail/wholesale trade, educational/training institute, या agricultural-linked activity (जैसे dairy, poultry, fisheries), पात्र हैं  ।


Existing और New enterprises दोनों को यह सुविधा मिलती है।


Loan की पूर्व स्थिति न‑Performing Asset (NPA) न होनी चाहिए; यदि restructuring हुई हो या SMA‑2 स्थिति रही हो, तो आवेदन समय सीमा के बाहर हो सकता है  ।



आवेदन प्रक्रिया


1. MSME (Udyam) में पंजीकरण करें।



2. एक CGTMSE‑partnered बैंक या वित्त संस्था (MLI) से संपर्क करें।



3. बैंक आपके व्यवसाय प्रस्ताव और क्रेडिट योग्यता का मूल्यांकन करता है।



4. बैंक ऑनलाइन CGTMSE पोर्टल पर आवेदन करता है (API/bulk upload विकल्प उपलब्ध)  ।


5. गारंटी स्वीकृति और शुल्क भुगतान: बैंक AGF का भुगतान करता है।


6. ऋण राशि बैंक द्वारा प्रदान की जाती है, इस दौरान गारंटी सक्रिय होती है। 7. यदि बाद में ऋणी default करता है, तो बैंक CGTMSE को दावा करता है, और 75% से 90% तक का भुगतान प्राप्त करता है (शेष 25% / बाद के हिस्से को पूरी तरह recovery का प्रयास बैंक द्वारा करना होता है)  ।


तकनीकी और व्यावसायिक प्रगति


पूर्ण B2B कम्प्यूटरीकृत आवेदन प्रक्रिया, API और bulk-upload सुविधा, 2025 में AI‑आधारित जोखिम मूल्यांकन, और NITI Aayog एवं fintech प्लेटफॉर्म सेवा से आवेदन टर्नअराउंड 30% तेज हुआ है  ।



5. दावा (Claim) प्रक्रिया और क्लेम सेटलमेंट


यदि ऋणी default करता है, बैंक CGTMSE को क्लेम दाखिल करता है:


पहली किश्त: 75% गारंटी राशि 30 दिनों के भीतर भुगतान की जाती है (यदि समय पर दावा जमा किया गया हो)।


बाकी 25% तीन वर्ष बाद, या OTS settlement के बाद जमा किया जा सकता है  ।



यदि भुगतान में देरी हो, CGTMSE बैंकरेट के अनुसार ब्याज के साथ भुगतान करता है।


बैंक को recuperação करने पर recovered राशि का pro‑rata हिस्सा Trust को लौटाना होता है, deducting से legal costs आदि भी हो सकते हैं  ।


6. प्रभाव (Impact) और आंकड़े


दिसंबर 2024 तक CGTMSE ने ₹5.2 लाख करोड़ के loan guarantees अनुमोदित कीं, और 1 करोड़ से अधिक गारंटी applications मंजूर किए गए थे। इनमें लगभग 45% पहले‑बार के borrowers थे  ।


एक 2025 के अध्ययन के अनुसार:


माइक्रो‑उद्यमों के formal credit access में 20% वृद्धि हुई,


पहले पाँच वर्षों में MSE survival rate में 12% सुधार हुआ,


महिलाओं द्वारा नेतृत्व किए गए उद्यमों की भागीदारी 28% थी,


North‑Eastern राज्यों में लोन वितरण में 35% इज़ाफा हुआ  ।


7. CGTMSE के लाभ


1. कोलैटरल‑फ्री ऋण: संपार्श्विक या व्यक्तिगत guarantee की आवश्यकता नहीं होती, जिससे ऋण आसान होता है।



2. उच्च कवरेज प्रतिशत: महिलाओं व सीमांत समूहों को 85‑90% कवरेज; अन्य enterprises को भी पर्याप्त सुरक्षा मिलती है।



3. बैंकिंग संस्थानों द्वारा आसानी से ऋण संभव: जोखिम Shared प्रणाली के कारण बैंक अधिक खुलकर ऋण देते हैं।



4. त्वरित मशीन लर्निंग और AI integration: आवेदन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी, और fraud detection सक्षम।



5. वित्तीय समावेशन: ग्रामीण, सीमांत उद्यमों को formal finance तक पहुँच मिलती है।



6. बजट 2025 की अतिरिक्त पहल: MSME Credit Card के साथ automatic CGTMSE कवरेज जो ₹10 लाख तक revolving credit प्रदान करता है, विशेषकर कार्यशील पूंजी के लिए उपयोगी है  ।



7. चुनौतियाँ एवं सुधार‑क्षेत्र


Awareness Gap: ग्रामीण और remote क्षेत्रों में CGTMSE की जानकारी कम पहुँचती है।


Claim Settlement में bureaucratic delay: कई बैंक दावा प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लेते हैं।


Medium Enterprises की coverage की सीमा: Medium category enterprises को अभी तक CGTMSE coverage की पूरी सुविधा नहीं प्राप्त है।


Hybrid collateral मॉडल में जटिल गणना: collateral वैल्यू deduction और uncovered हिस्से पर फ़ीस calculation कभी-कभी जटिल हो जाता है  ।


8. निष्कर्ष और आगे का मार्ग


CGTMSE योजना 2025 के तहत, MSMEs को institutional finance तक पहुंच देना आसान, तेज, और सुरक्षित हुआ है। बिना collateral के ₹10 करोड़ तक की गारंटी उपलब्‍ध एक बड़ा परिवर्तन है। AI‑चालित मूल्याकंन, FinTech collaboration, और revolving credit जैसे MSME Credit Card जैसे उपायों ने आवेदन प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया है।


यदि आप इस ब्लॉग को sarkarisuchna.in पर प्रकाशित करना चाहते हैं, तो आप निम्न अतिरिक्त सेक्शन जोड़ सकते हैं:


सफलता कथाएँ (Success Stories): महिलाओं व सीमांत उद्यमियों की प्रेरक कहानियाँ।


उदाहरण (Case Study): Hybrid collateral मॉडल पर Fund calculation के उदाहरण।


EMI/AGF कैलकुलेटर embed: Interactive tool वेबसाइट पर।


API/Bulk-upload प्रक्रिया: बैंक अधिकारियों व fintech platforms हेतु मार्गदर्शन।


National/state‑level schemes के link: जैसे CM Yuva, PM Vishwakarma आदि के साथ CGTMSE का synergy।



🔄 अप्रैल 2025 में किए गए मूल बदलाव (अगस्त से प्रभावी)


1. गारंटी सीमा ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ (CGS‑I)


– बजट 2025‑26 में घोषित रूप से CGTMSE की गारंटी सीमा 1 अप्रैल, 2025 से ₹5 करोड़ से बढ़ाकर ₹10 करोड़ प्रति ऋणकर्ता की गई है। इससे MSMEs के लिए institutional credit का दायरा व्यापक हुआ।  


2. वार्षिक गारंटी शुल्क (AGF) का संशोधित ढांचा


– सभी गारंटियों (नए या नवीनीकृत) पर AGF संरचना में बदलाव किए गए हैं, जो 1 अप्रैल, 2025 से लागू है:


₹0–₹10 लाख: 0.37%


₹10–₹50 लाख: 0.55%


₹50 लाख–₹1 करोड़: 0.60%


₹1–₹2 करोड़: 0.85%


₹2–₹5 करोड़: 1.00%


₹5–₹8 करोड़: 1.10%


₹8–₹10 करोड़: 1.20%

– यह दर सभी गतिविधियों (खुदरा/थोक व्यापार सहित) पर समान रूप से लागू है।

– बेहतर प्रबंधन वाले MLIs को 10% छूट और उच्च जोखिम वाले को 70% तक अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा।

– विशेष श्रेणियाँ (महिला उद्यमी, SC/ST, PwD, Agniveers, ट्रांसजेंडर, North East आदि) को अतिरिक्त 10% रियायत दी गई है।  



3. AGF भुगतान और ऑनलाइन प्रक्रिया में सुधार


– CGTMSE ने NEFT/RTGS के माध्यम से ऑनलाइन AGF भुगतान प्रणाली लागू की है।

– पहली बार की शुल्क गारंटी राशि पर और वार्षिक फीस बकाया राशि पर आधारित होती है।

– सुधार सहित प्रक्रियाएँ जैसे outstanding अपडेट्स, RP मॉडिफिकेशन, खातों का Revival आदि सुचारू रूप से ऑनलाइन की जा सकती हैं।  




✅ सारांश तालिका


विषय नया नियम (1 अप्रैल 2025 से) अगस्त 2025 स्थिति


गारंटी सीमा ₹10 करोड़ तक बढ़ाई गई कोई और बदलाव नहीं

AGF संरचना स्लैब-आधारित शुल्क लागू समान बनी रही

ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया NEFT/RTGS आधारित अपडेट्स लागू जारी

विशेष रियायत श्रेणियाँ अतिरिक्त 10% शुल्क में रियायत बनी हुई है

कोई नया अद्यतन नहीं अगस्त तक नहीं किया गया




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ℹ️ निष्कर्ष


अप्रैल 2025 के अपडे़ट (₹10 करोड़ गारंटी सीमा, AGF शुल्क स्लैब, डिजिटल भुगतान प्रक्रिया) अभी प्रभावी हैं।


अगस्त 2025 के बाद कोई नया नियम या बदलाव नहीं हुआ है।



✅ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) – CGTMSE योजना


1. CGTMSE में ‘गारंटी कवर’ का क्या मतलब है?

उत्तर:
गारंटी कवर का मतलब है कि यदि कोई उद्यमी (entrepreneur) बैंक से लोन लेता है और किसी कारणवश वह लोन चुका नहीं पाता (Default करता है), तो CGTMSE ट्रस्ट उस लोन का एक निश्चित हिस्सा बैंक को चुका देता है।
इससे बैंक को नुकसान नहीं होता और उद्यमियों को बिना गारंटी (Collateral-Free) लोन मिलना आसान हो जाता है।

📌 उदाहरण: अगर आपने ₹10 लाख का लोन लिया और आप नहीं चुका पाए, तो CGTMSE 75-85% तक बैंक को भरपाई करता है।


2. अगर लोन चुकाया नहीं गया तो क्या होगा?

उत्तर:
अगर आप लोन चुकाने में असमर्थ रहते हैं (Non-performing Asset – NPA हो जाता है), तो बैंक पहले अपनी सामान्य प्रक्रिया के तहत राशि वसूलने की कोशिश करता है।
अगर फिर भी लोन वसूली नहीं हो पाती, तब बैंक CGTMSE के पास क्लेम जमा करता है।

  • CGTMSE बैंक को उस लोन राशि का एक तय प्रतिशत (जैसे 75% या 85%) तक वापस कर देता है।

  • शेष राशि का जिम्मा बैंक या उधारकर्ता पर रहता है।

⚠️ इसका मतलब यह नहीं है कि लोन माफ हो गया। आपका CIBIL स्कोर खराब हो सकता है, और भविष्य में लोन लेना मुश्किल हो सकता है।


3. क्या यह योजना सभी बैंकों में लागू है?

उत्तर:
जी हाँ ✅
CGTMSE योजना देश के लगभग सभी प्रमुख सरकारी, निजी, ग्रामीण बैंक, और NBFCs में लागू है, जो योजना के अंतर्गत अधिकृत सदस्य संस्थान (MLIs) हैं।

कुछ प्रमुख बैंक जो इस योजना से जुड़े हैं:

  • स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

  • पंजाब नेशनल बैंक (PNB)

  • बैंक ऑफ बड़ौदा

  • यूनियन बैंक

  • HDFC, ICICI जैसे प्राइवेट बैंक

  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs)

  • सहकारी बैंक (कुछ मामलों में)

📌 आवेदन करते समय अपने बैंक शाखा से पूछ लें कि वे CGTMSE योजना में भाग लेते हैं या नहीं।


4. क्या महिला/SC/ST/नॉर्थ ईस्ट उद्यमियों को अतिरिक्त लाभ मिलता है?

उत्तर:
हां, विशेष श्रेणी के उद्यमियों को CGTMSE में कुछ अतिरिक्त लाभ दिए जाते हैं। जैसे:

श्रेणी गारंटी कवर (%) अधिकतम सीमा
सामान्य श्रेणी 75% ₹200 लाख (₹2 करोड़)
महिला उद्यमी 85% तक ₹200 लाख तक
SC/ST उद्यमी 85% तक ₹200 लाख तक
नॉर्थ ईस्ट/हिल/द्वीप क्षेत्र 85% तक ₹200 लाख तक
छोटे लोन (₹5 लाख तक) 85% ₹5 लाख तक

💡 इसके अतिरिक्त कुछ राज्यों में महिला और SC/ST के लिए लोन ब्याज पर सब्सिडी भी दी जाती है।


5. क्या CGTMSE योजना केवल नए बिज़नेस के लिए है या मौजूदा व्यवसाय को भी लाभ मिल सकता है?

उत्तर:
CGTMSE योजना दोनों प्रकार के उद्यमियों के लिए है:

  • नए उद्यमी – जो अभी कोई बिज़नेस शुरू करना चाहते हैं

  • मौजूदा व्यवसायी – जो अपने व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं

📌 इसमें वर्किंग कैपिटल लोन और टर्म लोन दोनों को शामिल किया जा सकता है।


6. योजना में आवेदन कैसे करें?

उत्तर:

  • आपको सीधे बैंक या वित्तीय संस्था में जाकर लोन के लिए आवेदन करना होता है।

  • बैंक लोन को CGTMSE के अंतर्गत कवर करेगा, अगर आपका प्रोजेक्ट पात्रता मानदंडों को पूरा करता है।

💡 आप SIDBI  या CGTMSE  की वेबसाइट से अधिक जानकारी ले सकते हैं।


7. योजना में कितना प्रीमियम देना होता है?

उत्तर:

  • गारंटी कवर के लिए बैंक CGTMSE को एक गारंटी शुल्क (guarantee fee) देता है, जो आम तौर पर 1% प्रति वर्ष होता है।

  • यह शुल्क व्यवसायी को लोन राशि के साथ भुगतान करना पड़ सकता है।



Case Study 1: नवादा (बिहार) की रीना देवी – पापड़ यूनिट से आत्मनिर्भरता की ओर

🔸 परिचय:

रीना देवी, बिहार के नवादा जिले के एक छोटे गाँव की रहने वाली गृहिणी हैं। शिक्षा सीमित होने के बावजूद उनके अंदर कुछ अपना करने की लगन थी। उनके पास न तो पूंजी थी, न कोई गारंटी, फिर भी वे आगे बढ़ीं।

🔸 समस्या:

  • कोई संपत्ति नहीं थी जो बैंक में गिरवी रख सकें

  • पारंपरिक बैंक लोन नहीं मिल रहा था

  • घरेलू जिम्मेदारियों के कारण जोखिम लेने का डर

🔸 समाधान:

रीना को जीविका दीदी समूह के ज़रिए CGTMSE योजना के बारे में जानकारी मिली।
उन्होंने स्थानीय ग्रामीण बैंक में ₹5 लाख के टर्म लोन के लिए आवेदन किया, जो CGTMSE के अंतर्गत बिना गारंटी स्वीकृत हुआ।

🔸 उपयोग:

  • ₹3 लाख से छोटा पापड़ निर्माण यूनिट लगाया (ड्रायर, मिक्सर, पैकेजिंग मशीन)

  • ₹2 लाख से कच्चा माल व मजदूरी में निवेश किया

🔸 परिणाम:

  • 6 महीनों में यूनिट लाभ में आया

  • 5 महिलाओं को काम पर रखा

  • आज 2 अन्य गांवों में अपनी डीलरशिप फैलाई

  • मासिक टर्नओवर ₹1.2 लाख और मुनाफा ₹25,000 तक पहुंचा

📌 रीना देवी का कथन:
"CGTMSE ने मेरी हिम्मत को पंख दिए। आज मैं अपने बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ा पा रही हूँ।"


Case Study 2: रांची (झारखंड) के राहुल कुमार – MUDRA + CGTMSE से राइस मिल और 20 लोगों को रोजगार

🔸 परिचय:

राहुल कुमार, रांची के एक इंजीनियरिंग ड्रॉपआउट युवा हैं। उन्होंने पारिवारिक खेती को नया व्यवसाय बनाने की ठानी।

🔸 समस्या:

  • राइस मिल के लिए ₹15 लाख की आवश्यकता थी

  • उनके पास सिर्फ ₹2 लाख की पूंजी थी

  • कोई बैंक उन्हें इतनी बड़ी राशि देने को तैयार नहीं था

🔸 समाधान:

राहुल ने PM MUDRA Yojana और CGTMSE योजना को जोड़कर आवेदन किया।

  • ₹10 लाख का लोन MUDRA से मिला

  • ₹5 लाख का वर्किंग कैपिटल लोन CGTMSE के तहत मिला

  • पूरा लोन बिना कोई गारंटी के स्वीकृत हुआ

🔸 उपयोग:

  • मशीनरी (क्लीनर, पोलिशर, पैकर)

  • श्रमिकों की भर्ती, बिजली संयोजन

  • ब्रांडिंग – “Puravanchal Rice”

🔸 परिणाम:

  • 1 साल में उत्पादन क्षमता 10 टन/दिन

  • 20 स्थानीय युवाओं को रोजगार

  • सरकारी स्कूलों में आपूर्ति के लिए टेंडर प्राप्त

  • वर्तमान मासिक टर्नओवर ₹4 लाख और नेट प्रॉफिट ₹80,000+

📌 राहुल कुमार का कथन:
"अगर मुझे CGTMSE और MUDRA का समर्थन न मिला होता, तो मैं शायद अभी तक नौकरी ढूंढ रहा होता। आज मैं नौकरी दे रहा हूँ।"


📝 निष्कर्ष:

इन कहानियों से यह स्पष्ट होता है कि CGTMSE योजना न सिर्फ वित्तीय सहायता देती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ने का रास्ता भी खोलती है।

राज्य योजनाएँ + CGTMSE = आसान, गारंटी-रहित और सब्सिडीयुक्त लोन

🔶 1. बिहार: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना (CMYUY) + CGTMSE

विवरणजानकारी
योजना का उद्देश्य     बिहार के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार हेतु प्रेरित करना
वित्तीय सहायता₹10 लाख तक का लोन (50% तक अनुदान)
CGTMSE सहयोगलोन का गारंटी कवर – कोई संपत्ति/गिरवी की आवश्यकता नहीं
पात्रता10वीं/12वीं पास, बिहार निवासी, 18–50 वर्ष आयु वर्ग
लोन स्वरूप₹5 लाख तक अनुदान + ₹5 लाख बैंक लोन (CGTMSE गारंटी के तहत)

📌 कैसे synergize होता है:
राज्य सरकार सब्सिडी देती है, बैंक लोन को CGTMSE के तहत गारंटी देता है — यानी उद्यमी के लिए लगभग Zero-Risk Loan!


🔶 2. उत्तर प्रदेश: ODOP योजना + MUDRA + CGTMSE

विवरणजानकारी
योजना का उद्देश्यहर जिले की विशिष्ट कला/उत्पाद को बढ़ावा देना
लोन योजना₹10 लाख तक MUDRA लोन + CGTMSE कवर
विशेष सहायता4% ब्याज पर लोन + टूलकिट/प्रशिक्षण
CGTMSE सहयोगलोन पर 75%–85% गारंटी कवर

📌 कैसे synergize होता है:

  • MUDRA से बिना गारंटी लोन, लेकिन बैंक जोखिम कम करने के लिए उसे CGTMSE से कवर करता है

  • ODOP में लोन पर ब्याज सब्सिडी, ब्रांडिंग सपोर्ट और प्रशिक्षण मिलता है
    👉 इससे हस्तशिल्प, लकड़ी का काम, चमड़ा, आर्टिसन बिज़नेस आदि को जबरदस्त लाभ होता है।


🔶 3. मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना + CGTMSE

विवरणजानकारी
उद्देश्यनए व्यवसाय शुरू करने के लिए युवाओं को लोन
लोन राशि₹50,000 से ₹10 लाख तक
अनुदान15% से 30% तक (अधिकतम ₹2 लाख)
बैंक सहयोगलोन CGTMSE के तहत बिना गारंटी
पात्रता18–45 वर्ष, MP निवासी, न्यूनतम 8वीं पास

📌 कैसे synergize होता है:
सरकार द्वारा दिए गए अनुदान से उद्यमी की खुद की भागीदारी कम हो जाती है, और CGTMSE गारंटी से बैंक लोन को लेकर डर नहीं रहता


✅ तालमेल का फायदा कैसे मिलता है?

लाभविवरण
✔ गारंटी नहींCGTMSE गारंटी देता है, संपत्ति की ज़रूरत नहीं
✔ सब्सिडीराज्य योजनाएं लागत में सहायता देती हैं
✔ आसान लोनबैंक का जोखिम कम, इसलिए स्वीकृति दर अधिक
✔ उद्यमी को सुरक्षाजोखिम कम होने से उद्यमी निश्चिंत होकर बिज़नेस कर सकता है


📝 निष्कर्ष:

राज्य और केंद्र की योजनाओं का मिलाजुला लाभ उठाना ही आज के MSME और स्टार्टअप के लिए स्मार्ट मूव है।

Subsidy + Security = Sustainable Startup



   

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