Important Government Updates

CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट

चित्र
CUET UG 2026: क्या है, कौन दे सकता है, पूरा  सिलेबस, कॉलेज लिस्ट, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी  गाइड अगर आप 12वीं पास हैं या देने वाले हैं और देश की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन चाहते हैं, तो CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) आपके लिए सबसे ज़रूरी परीक्षा है। इस ब्लॉग में हम CUET UG से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से समझेंगे— ताकि आपको किसी और वेबसाइट पर भटकना न पड़े। 🔹 CUET UG क्या है? CUET UG एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) , राज्य विश्वविद्यालयों , और कई प्राइवेट व डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में UG कोर्सेज़ (BA, BSc, BCom, BBA, BCA आदि) में एडमिशन लेते हैं। पहले अलग-अलग यूनिवर्सिटी अपनी-अपनी परीक्षा लेती थीं, लेकिन CUET के बाद एक ही परीक्षा से कई यूनिवर्सिटीज़ में मौका मिल जाता है। 🔹 CUET UG कौन आयोजित करता है? CUET UG परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है। 🔹 CUET UG क्यों जरूरी है? CUET UG का मकसद है👇 12वीं के अंकों में बोर्ड का फर्क खत्म करना सभ...

"अगस्त 2025 में संसद से पास हुए सभी प्रमुख बिल – पूरी जानकारी, तारीखें और प्रभाव"



अगस्त 2025 में संसद से पास हुए प्रमुख बिल – 

1. नेशनल स्पोर्ट्स गवर्नेंस बिल, 2025
पारित होने की तारीख: लोकसभा में 11 अगस्त 2025; राज्यसभा में 12 अगस्त 2025 
पृष्ठभूमि और उद्देश्य: भारतीय खेल संघों में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर गवर्नेंस सुनिश्चित करने के लिए लाया गया यह बिल, खेलों को व्यवस्थित व सेवाभावपूर्ण बनाने की दिशा में बड़ा कदम है .
मुख्य प्रावधान: चुनाव प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, खिलाड़ियों एवं महिला प्रतिनिधियों के लिए कोटा, शिकायत निवारण तंत्र, और ऑडिट जैसी व्यवस्थाएँ .
संभावित प्रभाव: खेल प्रशासन में सुधार, खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ना, और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा मजबूत होना।
FAQ:
क्या यह बिल सभी राष्ट्रीय खेल संघों पर लागू होगा? — हाँ, यह राष्ट्रीय खेल महासंघों और ओलंपिक संघ सहित सभी पर लागू है।
क्या खिलाड़ियों की प्रतिनिधित्व की गारंटी इसमें है? — हाँ, महिलाओं और खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम कोटा निर्धारित किया गया है।
2. इनकम-टैक्स (No. 2) बिल, 2025
पारित होने की तारीख: लोकसभा में 11 अगस्त 2025; राज्यसभा में 12 अगस्त 2025; राष्ट्रपति की सहमति 21 अगस्त 2025 .
पृष्ठभूमि एवं उद्देश्य: 1961 के आयकर अधिनियम को सरल, स्पष्ट और आधुनिक बनाने के लिए बिल लाई गई—फेसलेस असेसमेंट और टैक्स सेक्शन्स में कटौती जैसे सुधार शामिल।
मुख्य प्रावधान: 12 लाख रुपये तक छूट, सेक्शन्स को घटाकर 536, डिजिटल-फर्स्ट अससमेंट, और एकीकृत टैक्स वर्ष का प्रारूप .
संभावित प्रभाव: करदाताओं को राहत, अनुपालन में सुविधा, टैक्स चोरी में कमी।
FAQ:
क्या यह पुराने टैक्स कानून को पूरी तरह से बदलता है? — हाँ, यह पुराने 1961 Act को बदलकर 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा।
क्या फेसलेस असेसमेंट से पारदर्शिता बढ़ेगी? — बिल्कुल, इससे टैक्स फाइलिंग अधिक स्पष्ट और आसान हो जाएगी।
3. टैक्सेशन लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल, 2025
पारित होने की तारीख: लोकसभा में 11 अगस्त 2025; राज्यसभा में 12 अगस्त 2025 .
उद्देश्य: आयकर और वित्त अधिनियम में बदलाव, डिजिटल ट्रांजैक्शन्स पर स्पष्टीकरण और नए लाभ।
मुख्य प्रावधान: यूनिफाइड पेंशन स्कीम सब्सक्राइबर्स को टैक्स लाभ, उच्च मानक कटौती, सार्वजनिक निवेश को प्रेरित करने वाले नियम .
संभावित प्रभाव: टैक्स लाभ बढ़ने से निवेश वातावरण में सुधार, करदाता अनुकूलता में वृद्धि।
FAQ:
क्या नए कटौतियाँ मिलेंगी? — हाँ, विशेष कटौती जैसे ₹75,000 मानक छूट लागू हुई है।
क्या यह डिजिटल लेनदेन पर प्रभाव डालता है? — हाँ, इससे डिजिटल लेनदेन और वित्तीय उत्पादों पर स्पष्ट नियम लागू होंगे।
4. मर्चेंट शिपिंग बिल, 2025
पारित होने की तारीख: लोकसभा में 6 अगस्त 2025; राज्यसभा में 11 अगस्त 2025 .
उद्देश्य: 1958 की पुरानी मर्चेंट शिपिंग एक्ट को बदलकर अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप बनाना।
मुख्य प्रावधान: IMO मानकों का पालन, समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, और नाविकों के कल्याण की व्यवस्था।
संभावित प्रभाव: शिपिंग सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी, व्यापार लागत कम होगी।
FAQ:
क्या इसने पुराने कानून को पूर्णतः खत्म किया? — हाँ, इसका उद्देश्य पुराने अधिनियम को पूरी तरह रिप्लेस करना है।
क्या पर्यावरण और सुरक्षा पर जोर है? — बिल्कुल, ये बिल इन्हीं बिंदुओं को प्रमुखता से संबोधित करता है।
5. इंडियन पोर्ट्स बिल, 2025
पारित होने की तारीख: लोकसभा में 12 अगस्त 2025 .
उद्देश्य: 1908 के कानून को बदलना और बंदरगाहों के नियमन को एकीकृत करना।
मुख्य प्रावधान: पोर्‍ट डेवलपमेंट काउंसिल, स्टेशन स्तर बोर्ड, पर्यावरण और सुरक्षा प्रावधान।
संभावित प्रभाव: लॉजिस्टिक लागत एवं समय में कमी, निवेश के रास्ते खुलेंगे।
FAQ:
क्या यह प्रमुख और गैर-प्रमुख पोर्ट्स दोनों पर लागू होगा? — हाँ, पूरे भारत में समावेशी ढांचे का निर्माण करेगा।
क्या पर्यावरण नियम शामिल हैं? — हां, MARPOL जैसे अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण निदेशों का पालन आवश्यक है।
6. कैरेज ऑफ गुड्स बाय सी बिल, 2025
पारित होने की तारीख: अगस्त 2025 (सटीक तारीख उपलब्ध नहीं) .
उद्देश्य: समुद्री माल ढुलाई व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों (हैग/विस्बी) के अनुरूप बनाना।
मुख्य प्रावधान: नुकसान और विवाद निपटान के स्पष्ट नियम, शिपिंग कंपनियों की जिम्मेदारियाँ।
संभावित प्रभाव: व्यापार सुरक्षा बढ़ेगी, विदेशी निवेश में बढ़ोतरी।
FAQ:
क्या यह हैग-विस्बी नियम अपनाता है? — हाँ, यह बिल इन्हीं नियमों को आईसीटी कानून में शामिल करता है।
क्या इससे विवाद समाधान आसान होगा? — बिल्कुल, विवादों के निपटान के स्पष्ट नियम दिए गए हैं।
7. मणिपुर GST संशोधन और Appropriation बिल, 2025
पारित होने की तारीख: मणिपुर GST Amendment Bill तथा Appropriation Bill दोनों लोकसभा में 7 अगस्त 2025; राज्यसभा में 11 अगस्त 2025 .
उद्देश्य: मणिपुर में GST व्यवस्था और बजटीय खर्चों को बेहतर बनाना।
मुख्य प्रभाव: राज्य-स्तरीय वित्तीय व्यवस्था में सुधार और बेहतर विकास कार्य।
FAQ:
क्या यह सिर्फ मणिपुर राज्य तक सीमित है? — हाँ, यह मणिपुर के वित्तीय सुधारों के लिए विशेष है।
क्या बजटीय खर्च पर नियंत्रण लाया गया है? — हाँ, Appropriation Bill से सरकारी खर्चों की स्वीकृति हुई।
8. गोवा एसटी प्रतिनिधित्व पुनः समायोजन बिल, 2025
पारित होने की तारीख: अगस्त 2025 (अचिह्नित लेकिन Monsoon सत्र में पास) .
उद्देश्य: गोवा विधानसभा में अनुसूचित जनजातियों (ST) का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना।
संभावित प्रभाव: आदिवासी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी बढ़ेगी।
FAQ:
क्या यह आरक्षण या सीट सीमा बढ़ाता है? — हाँ, यह विधानसभा में ST प्रतिनिधियों की संख्या पुनः समायोजित करता है।
9. IIM संशोधन बिल, 2025
पारित होने की तारीख: अगस्त 2025 (अचिह्नित, समाजिक ब्योरे में) .
उद्देश्य: IIMs के संचालन में पारदर्शिता और अकादमिक स्वतंत्रता के बीच संतुलन।
संभावित प्रभाव: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, वैश्विक प्रतिष्ठा में वृद्धि।
FAQ:
क्या इससे बोर्ड में सरकार की भूमिका बढ़ी? — नहीं, संतुलन बना हुआ है।
क्या इससे संस्थानों की रैंकिंग बेहतर होगी? — संभाविततः, क्योंकि संचालन अधिक सपाट और पारदर्शी होगा।
10. ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन बिल, 2025
पारित होने की तारीख: लोकसभा में 20–21 अगस्त 2025 (अनौपचारिक रूप से) .
उद्देश्य: रीयल मनी गेम्स और बेटिंग को नियंत्रित करना।
मुख्य प्रावधान: रीयल मनी गेम्स पर प्रतिबंध, लाइसेंसिंग, नियामक प्राधिकरण, और दंडात्मक प्रावधान।
संभावित प्रभाव: युवा सुरक्षा, ऑनलाइन गेमिंग उद्योग में जवाबदेही।
FAQ:
क्या यह सभी गेम्स पर लागू होता है? — केवल रीयल मनी और बेटिंग आधारित गेम्स पर।
क्या ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा? — नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई संभव है।
निष्कर्ष:
अगस्त 2025 में संसद द्वारा पास किए गए विधेयकों ने भारत को वित्त, शिक्षा, खेल, शिपिंग, पोर्ट्स, डिजिटल डेटा और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मजबूत, पारदर्शी और भविष्योन्मुख बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं।

टिप्पणियाँ