CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट
क्वांटम टेक्नोलॉजी, जो कि क्वांटम कम्प्यूटिंग, संचार, सेंसरिंग और क्रिप्टोग्राफी जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखती है, आज वैश्विक शक्ति जनित तकनीकों में से एक बनकर उभर रही है। भारत में इस पर केंद्र और कई राज्य अग्रसर हैं। कर्नाटक सरकार ने हाल ही में ₹1,000 करोड़ Quantum Mission की घोषणा की है, जिसका लक्ष्य 2035 तक राज्य को $20 बिलियन क्वांटम अर्थव्यवस्था बनाने का है। यह मिशन न केवल राष्ट्र की एक नई तकनीकी दिशा को परिभाषित करता है, बल्कि स्टार्टअप्स और नवाचारों के लिए एक लाभदायक मौका भी लेकर आया है।
Quantum Venture Capital Fund की स्थापना की घोषणा की गई है, जो "100" से अधिक Quantum Startups को प्रारंभिक और विकास-स्तर का वित्तीय समर्थन प्रदान करेगा।
इस पहल का मकसद मात्र वित्त प्रदान करना नहीं है बल्कि "100+ पेटेंट" उत्पन्न करना और लगभग "2 लाख प्रत्यक्ष नौकरियों" का सृजन करना भी है, जिससे तकनीकी और आर्थिक दोनों तरह का विकास सुनिश्चित हो सके।
यह फंड स्टार्टअप्स को उनके उत्पाद या सेवा (PoC—Proof of Concept) को बाजार तक ले जाने, IP (पेटेंट) बनाने और विकास की गति बढ़ाने में मदद करेगा।
टैलेंट डेवलपमेंट: 20+ कॉलेजों में क्वांटम स्किलिंग कार्यक्रम, 150 PhD फेलोशिप वार्षिक—साथ ही उच्च माध्यमिक स्तर पर Stream Labs के माध्यम से क्वांटम पाठ्यक्रम (English और Kannada में)।
R&D और पायलट्स: 1,000-qubit प्रोसेसर विकसित करने की योजनाएं, साथ ही हेल्थकेयर, साइबरसुरक्षा, रक्षा तथा कृषि में क्वांटम पायलट प्रोजेक्ट्स।
इन्फ्रास्ट्रक्चर निर्माण: India’s first Quantum Hardware Park, चार Innovation Zones, एक FabLine (fabrication line) और Q-City जैसी विशेष सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
स्टार्टअप और इंडस्ट्री समर्थन: स्टार्टअप्स को मेंटरिंग, वित्त, पेटेंट और मार्केट तक पहुँचने के लिए समर्थन—Quantum VC Fund इसके केंद्र में है।
वैश्विक साझेदारी: India Quantum Conclave जैसे प्लेटफॉर्म और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर सहयोग।
Quantum Research Park का कार्यान्वयन IISc Bengaluru में हो चुका है, जहाँ पर 55+ R&D प्रोजेक्ट्स, 13 स्टार्टअप्स और 1,000+ क्वांटम विशेषज्ञों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। सरकार ने इस पार्क के दूसरे चरण के लिए ₹48 करोड़ अतिरिक्त फंडिंग प्रदान की है।
Bengaluru की QpiAI कंपनी ने “Indus” नामक 25-qubit क्वांटम कंप्यूटर विकसित किया है, जो अप्रैल 2025 से कमर्शियल सेवाएँ प्रदान कर रहा है।
National Quantum Mission के तहत भारत में चुनिंदा क्वांटम स्टार्टअप्स (जैसे QNu Labs, QPiAI, Dimira Technologies, Prenishq, QuPrayog, Quanastra, Pristine Diamonds, Quan2D Technologies) को विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों—जैसे कि क्वांटम संचार, cryogenic components, sensing और photon detection—में काम करने के लिए चुना गया है।
डेटा: राष्ट्रीय स्तर पर मात्र ~250 क्वांटम शोधकर्ता (researchers) की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती है।
(हार्डवेयर लागत: बेसिक क्वांटम उपकरण जैसे dilution refrigerator ही करोड़ों रुपये का होता है, जिससे उच्च लागत और जटिलता उत्पन्न होती है।
नीतिगत सहायता: सरकार और निजी क्षेत्र को साझेदारी करके sand-box, विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम और निवेश पोर्टफोलियो तैयार करना चाहिए।
ग्लोबल प्रतिस्पर्धा: अमेरिकी, चीनी और यूरोपीय निवेशक पहले से ही बड़े पैमाने पर क्वांटम में दिख रहे हैं—भारत को तेज़ी से प्रतिक्रिया देनी होगी।
Q-City और Quantum Infrastructure प्रोजेक्ट्स में भागीदारी के लिए आवेदन करें
Quantum VC Fund और स्टार्टअप Incubation प्रोग्राम्स का लाभ उठाएँ
PhD फेलोशिप, स्ट्रीम लैब्स और स्किलिंग पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करें
दिशा-निर्देशों के अनुरूप (जैसे: IP सुरक्षित Indian-owned स्टार्टअप) आवेदन प्रक्रिया को समझें
कर्नाटक का Quantum Mission (₹1,000 करोड़ + Quantum VC Fund) एक दूरदर्शी पहल है, जो राज्य को तकनीकी और आर्थिक दृष्टि से नई ऊँचाइयों पर ले जा सकता है। स्टार्टअप्स, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं के लिए यह सुनहरा अवसर है। यदि सफलतापूर्वक क्रियान्वित हो, तो यह मिशन कर्नाटक को “Quantum Capital of Asia” सिद्ध कर सकता है—लेकिन इसके लिए निरंतर निवेश, मजबूत नीति समर्थन और वैश्विक स्तर की साझेदारी अनिवार्य होगी।
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