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CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट

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CUET UG 2026: क्या है, कौन दे सकता है, पूरा  सिलेबस, कॉलेज लिस्ट, आवेदन प्रक्रिया और तैयारी  गाइड अगर आप 12वीं पास हैं या देने वाले हैं और देश की टॉप यूनिवर्सिटीज़ में एडमिशन चाहते हैं, तो CUET UG (Common University Entrance Test – Undergraduate) आपके लिए सबसे ज़रूरी परीक्षा है। इस ब्लॉग में हम CUET UG से जुड़ी हर जरूरी जानकारी विस्तार से समझेंगे— ताकि आपको किसी और वेबसाइट पर भटकना न पड़े। 🔹 CUET UG क्या है? CUET UG एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके जरिए छात्र केंद्रीय विश्वविद्यालयों (Central Universities) , राज्य विश्वविद्यालयों , और कई प्राइवेट व डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में UG कोर्सेज़ (BA, BSc, BCom, BBA, BCA आदि) में एडमिशन लेते हैं। पहले अलग-अलग यूनिवर्सिटी अपनी-अपनी परीक्षा लेती थीं, लेकिन CUET के बाद एक ही परीक्षा से कई यूनिवर्सिटीज़ में मौका मिल जाता है। 🔹 CUET UG कौन आयोजित करता है? CUET UG परीक्षा का आयोजन National Testing Agency (NTA) द्वारा किया जाता है। 🔹 CUET UG क्यों जरूरी है? CUET UG का मकसद है👇 12वीं के अंकों में बोर्ड का फर्क खत्म करना सभ...

प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना 2025: कृषि क्षेत्र का गेमचेंजर




प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) 2025: कृषि क्षेत्र का गेमचेंजर


कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उपज का मूल्य संवर्धन करना, और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इन्हीं लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने शुरू की है — प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY)।


वर्ष 2025 में इस योजना का विस्तार करके सरकार ने इसे ₹6,520 करोड़ के बजट से पुनः सशक्त किया है, जिससे भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र और कृषि आधारित स्टार्टअप एक नई ऊंचाई पर पहुंच सकें।




🔍 योजना का उद्देश्य


प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना का मूल उद्देश्य है:


✅ कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन

✅ खाद्य अपव्यय में कमी

✅ आधुनिक तकनीक से खाद्य प्रसंस्करण

✅ ग्रामीण रोजगार सृजन

✅ किसानों को फसल का सही मूल्य दिलाना


📜 योजना की शुरुआत और पृष्ठभूमि


शुरुआत: वर्ष 2017 में


प्रशासन: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार


वर्तमान बजट (2025–30): ₹6,520 करोड़


लाभार्थी: किसान, किसान उत्पादक संगठन (FPO), MSME, स्टार्टअप, सहकारी समितियाँ, निजी कंपनियाँ



यह योजना 'किसान से लेकर उपभोक्ता तक' की पूरी श्रृंखला को जोड़ती है और फसल के बाद के प्रबंधन (post-harvest management) को बेहतर बनाती है।



🧩 योजना के घटक (Components of PMKSY)


PMKSY कई योजनाओं का एक समेकित (integrated) रूप है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख घटक आते हैं:


1. Mega Food Park Scheme


50–100 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर


25–30 MSMEs को एक साथ सुविधाएँ


किसानों को प्रत्यक्ष बाजार से जुड़ाव

उद्देश्य: एकीकृत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र का निर्माण, जहां कच्चे कृषि उत्पादों को मूल्य संवर्धित खाद्य वस्तुओं में बदला जा सके।


🔹 मुख्य विशेषताएँ:


50 से 100 एकड़ भूमि पर एक क्लस्टर विकसित किया जाता है।


इसमें सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) और फूड ग्रेड इंफ्रास्ट्रक्चर होता है।


छोटे उद्यमियों (MSME), SHG, FPOs को किराये पर संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं।


किसान सीधे प्रोसेसिंग यूनिट से जुड़ सकते हैं।


🔹 लाभ:


किसानों को बेहतर मूल्य मिलता है।


रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।


निर्यात के लिए तैयार वस्तुओं का उत्पादन होता है।


2. Integrated Cold Chain and Value Addition Infrastructure


शीतगृह, रिफ्रिजरेटेड वैन, फ्रीजर चेन


फल-सब्जी, दूध, मांस, मछली की ताजगी बनी रहे

उद्देश्य: फसल कटने के बाद उसे जल्दी खराब होने से रोकना, और उसकी गुणवत्ता बनाए रखना।


🔹 मुख्य सुविधाएँ:


शीतगृह (Cold Storage)


रिफ्रिजरेटेड वैन और कंटेनर


कंट्रोल्ड एटमॉस्फियर स्टोरेज


IQF (Individual Quick Freezing) यूनिट



🔹 किन उत्पादों के लिए:


दूध, मांस, मछली, फल, सब्जी, फूल, औषधीय पौधे



🔹 लाभ:


कृषि उत्पादों की बर्बादी में कमी


उत्पाद की शेल्फ लाइफ बढ़ती है


किसानों को सीजन के बाद भी अच्छा मूल्य मिलता है


3. Creation/Expansion of Food Processing & Preservation Capacities


नई इकाइयाँ लगाना, पुरानी का आधुनिकीकरण


फूड ग्रेड पैकेजिंग


उद्देश्य: देशभर में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार को प्रोत्साहन देना।


🔹 किनके लिए:


व्यक्तिगत उद्यमी


MSME


स्टार्टअप्स


SHG / FPO



🔹 अनुदान:


परियोजना लागत का 35% तक सब्सिडी (50% तक पूर्वोत्तर राज्यों/SC/ST/महिलाओं को)



🔹 लाभ:


फसल के लिए मूल्य संवर्धन


ग्रामीण क्षेत्र में उद्योग का विस्तार


नए रोजगार के अवसर


4. Backward and Forward Linkages


किसानों से लेकर प्रोसेसिंग इकाइयों और बाजार तक सप्लाई चेन

उद्देश्य: किसान → प्रोसेसिंग यूनिट → बाज़ार के बीच मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाना।


🔹 बैकवर्ड लिंकेज:


किसानों से सीधे उत्पाद खरीदने की व्यवस्था


गुणवत्ता मानक के अनुसार कृषि उत्पाद जुटाना



🔹 फॉरवर्ड लिंकेज:


प्रोसेस किए गए उत्पादों को रिटेल/होलसेल मार्केट तक पहुँचाना


ब्रांडिंग और पैकेजिंग की सुविधा



🔹 लाभ:


बिचौलियों की भूमिका घटती है


किसान और उद्योग दोनों को लाभ


5. Food Testing Labs


गुणवत्ता नियंत्रण और निर्यात प्रमाणीकरण


उद्देश्य: खाद्य सुरक्षा, गुणवत्ता नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय निर्यात मानकों को सुनिश्चित करना।


🔹 सुविधाएँ:


खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता, पोषण, संरचना और कीटनाशक अवशेषों की जांच


NABL मान्यता प्राप्त लैब



🔹 कहाँ मदद करता है:


MSME को एक्सपोर्ट के लिए जरूरी प्रमाणन


ग्राहकों को गुणवत्ता युक्त उत्पाद



🔹 लाभ:


खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित


निर्यात योग्य वस्तुओं का प्रमाणीकरण आसान



6. Operation Greens (TOP to TOTAL)


पहले सिर्फ टमाटर, प्याज, आलू (TOP) के लिए था, अब सभी फल-सब्जियों को कवर करता है।

सब्जियों (TOTAL) को कवर करता है।


🔹 उद्देश्य:


कीमतों में स्थिरता लाना


भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन में सहायता


किसान से उपभोक्ता तक सीधी आपूर्ति



🔹 क्या सहायता मिलती है:


सब्सिडी ऑन स्टोरेज


लॉजिस्टिक सहायता


प्रोसेसिंग और मार्केटिंग पर अनुदान



🔹 लाभ:


किसानों को न्यूनतम मूल्य की गारंटी


उपभोक्ताओं को सही दाम पर वस्तु उपलब्ध


खाद्य अपव्यय में कमी



📈 2025 में विस्तार – क्या बदला है?


सरकार ने जून 2025 में इस योजना के लिए ₹6,520 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। इसके अंतर्गत:


🔸 50 नई इराडिएशन यूनिट्स (irradiation units) स्थापित की जाएंगी – जिससे फल और सब्जियों को कीटाणुमुक्त करके शेल्फ-लाइफ बढ़ाई जा सके।


🔸 100 नई फूड टेस्टिंग लैब्स – जिससे MSME और एक्सपोर्टर्स को प्रमाणन में आसानी होगी।


🔸 300+ नई प्रसंस्करण इकाइयों को अनुदान – जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ होगा।


🔸 100% FDI अनुमति – निजी निवेश के लिए अवसर


🔸 5% ब्याज सब्सिडीMSME और स्टार्टअप्स के लिए बैंक ऋण सस्ता


👨‍🌾 योजना से किसानों को लाभ कैसे मिलता है?


लाभ का क्षेत्र विवरण


मूल्य संवर्धन कच्चे उत्पाद को प्रोसेस करके अधिक कीमत

अपव्यय में कमी कोल्ड चेन, स्टोरेज की सुविधा

रोजगार गांवों में कृषि आधारित यूनिट

सीधा बाजार क्लस्टर से सीधा व्यापारी तक बिक्री

प्रशिक्षण FPOs और किसानों को फूड प्रोसेसिंग में प्रशिक्षण



🧾 कौन ले सकता है योजना का लाभ?


योजना के अंतर्गत लाभ उठाने वाले पात्र लाभार्थी:


✅ किसान उत्पादक संगठन (FPO)

✅ सहकारी समितियाँ

✅ स्व-सहायता समूह (SHG)

✅ व्यक्तिगत उद्यमी / स्टार्टअप

✅ MSME इकाइयाँ

✅ राज्य सरकार/PSU द्वारा प्रायोजित संस्थान



💼 वित्तीय सहायता


योजना के अंतर्गत:


🔹 प्रोजेक्ट लागत का 35%–50% तक सब्सिडी

🔹 पूर्वोत्तर राज्यों, SC/ST और महिला उद्यमियों को अधिक सहायता

🔹 बैंक ऋण पर ब्याज में 5% तक छूट


🛠️ आवेदन प्रक्रिया


1. वेबसाइट पर जाएँ: https://mofpi.nic.in



2. “PMKSY” सेक्शन में जाएं



3. संबंधित योजना/घटक का चयन करें



4. आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें



5. विभाग द्वारा प्रोजेक्ट अप्रूवल के बाद अनुदान जारी होगा




📌 आवेदन में सहायता हेतु राज्य खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय से संपर्क करें।


📍 सफल उदाहरण (Case Study)


बिहार के समस्तीपुर जिले में एक FPO ने PMKSY के तहत कोल्ड स्टोरेज यूनिट बनाई, जिससे आलू व प्याज की शेल्फ लाइफ बढ़ी और किसानों को प्रति क्विंटल ₹300 अतिरिक्त मूल्य मिला।


महाराष्ट्र में महिला SHG द्वारा संचालित आम जूस यूनिट को ₹50 लाख की सब्सिडी प्राप्त हुई।


📢 हाल की घोषणाएँ (2025 अपडेट्स)


खाद्य प्रसंस्करण को कृषि के समान दर्जा


ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से डायरेक्ट लिंकिंग


PM Gati Shakti योजना से कनेक्टिविटी बेहतर


FOOD INDIA 2025 एक्सपो में विशेष स्टॉल PMKSY लाभार्थियों के लिए



🤝 योजना की चुनौतियाँ


चुनौती समाधान


ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी ज्ञान की कमी मोबाइल प्रशिक्षण वाहन और लाइव डेमो

अनुमोदन में देरी राज्य स्तर पर सिंगल विंडो क्लियरेंस

विपणन की समस्या PM e-Marketplace (GeM) और ONDC

                                                                         प्लेटफॉर्म से जुड़ाव



✍️ निष्कर्ष


प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) न केवल खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देती है, बल्कि यह किसानों को सशक्त, आत्मनिर्भर और डिजिटल युग के अनुकूल बनाती है। 2025 के नए विस्तार से यह योजना भारत के कृषि क्षेत्र में एक क्रांति ला सकती है।यदि आप किसान, SHG, FPO, स्टार्टअप या MSME हैं — तो यह योजना आपके लिए स्वरोजगार और आर्थिक मजबूती की चाबी है।



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