CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट
सामान्य परिभाषा
स्टार्टअप एक नया व्यवसाय या परियोजना होता है, जिसे उद्यमी तकनीकी या नवाचारी समाधान पर आधारित मॉडल के साथ शुरू करते हैं। इसका उद्देश्य होता है तीव्र विकास और बड़े पैमाने पर विस्तार—जैसे कि Demand-Based तकनीकी सेवाएँ।
मुख्य विशेषताएँ:
नवाचार (Innovation) के आधार पर आधारित
तेज़ी से स्केल (Rapid Growth) होना
शुरूआती चरण में आर्थिक जोखिम अधिक
MVP (Minimum Viable Product) – शुरुआती रूप में उत्पाद
पूंजी मिलने से—Angel Investors, VC, दोस्तों/परिवार से
भारत में Startup India (DPIIT) की परिभाषा
कानूनी स्वरूप: Private Limited Company, LLP, Partnership Firm, या One Person Company (OPC)
आयु: स्थापना से ≤ 10 वर्ष (बीजी व विशेष क्षेत्र के लिए विभेद हो सकते हैं)
टर्नओवर: किसी वित्तीय वर्ष में ₹100 करोड़ से अधिक नहीं
मूल और नवाचारी: विभाजन नहीं, बल्कि मौलिक नवाचार या स्केलेबिलिटी वाला व्यवसाय मॉडल
| पहलू | पारंपरिक व्यवसाय | स्टार्टअप |
|---|---|---|
| वृद्धि | धीमी, स्थिर | तेज, स्केलेबल |
| नवाचार | सीमित | आवश्यक |
| जोखिम | कम, स्थिर ग्राहक/पथ | अधिक, अनिश्चितता अधिक |
| पूंजी | बैंक लोन, व्यक्तिगत/परिचित स्रोत | Angel, VC, Seed Funding |
स्टार्टअप “disruption” और “growth at scale” लाने का माध्यम होते हैं, जैसा कि Forbes और Wired में रेखांकित है।
नवाचार और बदलाव को बढ़ावा: नए बिजनेस मॉडल और तकनीक तेजी से लागू होती है
आर्थिक विकास और रोजगार: रोज़गार सृजन और GDP में योगदान
प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता: बड़े खिलाड़ियों को बेहतर मूल्य/सेवा देने के लिए प्रेरित करना
वैश्विक निवेश: VC, Government Funds, अंतरराष्ट्रीय पूंजी आकर्षित करना
कौशल विकास: Startup में काम करने से मल्टी-स्किल और तेजी से सीखने वाले पेशेवर बनते हैं
भारत में समर्थन: Startup India की पहल, دیجٹل इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन
घोषणा: 15 अगस्त 2015 – प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण में Startup India पहल की घोषणा
लॉन्च: 16 जनवरी 2016 को इसे आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया
उद्देश्य: उद्यमिता को बढ़ावा देना, निवेश और नवाचार को प्रोत्साहित करना
Fund of Funds (FFS): ₹10,000 करोड़ से अधिक का कोष, जिसे DPIIT द्वारा मंजूरी के बाद SIDBI से संचालित कराया जाता है
Seed Fund Scheme (SISFS): ₹945 करोड़ की योजना, जिसमें PoC, प्रोटोटाइप, और commercialization में मदद की जाती है
Self-Certification: श्रम एवं पर्यावरण कानूनों में आत्म-प्रमाणन की सुविधा
Tax Exemptions:
3 वर्ष की 100% आयकर छुट (Section 80-IAC)
Angel Tax में छूट
IPR पर शुल्क में भारी छूट (Patent/Trademark)
Public Procurement: सरकारी टेंडर में prior turnover/experience और EMD से छूट
Fast-Track Exit: 90 दिनों में कंपनी आसान तरीके से बंद की जा सकती है
Networking Platforms: Investor Connect, MAARG, BHASKAR, National Startup Awards, State Rankings आदि
Eligibility:
कानूनी स्वरूप: Pvt Ltd, LLP, Partnership या OPC
उम्र: ≤ 10 वर्ष
टर्नओवर: ≤ ₹100 करोड़
नवाचारी और मूल मॉडल होने की शर्तें
Documents Required:
Incorporation Certificate / Partnership Deed
PAN Card
MoA/AoA या Partnership Deed
PAN & Aadhaar of authorised person
Registered office proof
Bank statement
Pitch Deck, Website/App links, Innovation Proof
Authorization Letter, Photo, IPR, Awards (if any)
Startup India पोर्टल पर लॉगिन/रजिस्टर करें
'Apply for DPIIT Recognition' विकल्प चुनें
NSWS पर रीडायरेक्ट होगा → “Registration as a Startup” फॉर्म भरें
दस्तावेज़ अपलोड करें + Self-Certification
आवेदन सबमिट करें → Reference Number प्राप्त करें
आमतौर पर 2–7 दिन के भीतर मान्यता और Recognition Certificate जारी
Pitch Deck (10–15 स्लाइड): Cover, Problem-Solution, Market Size, Business Model, Traction, Team, Competition, Financials, Ask
DSC (Class-3): Certifying Authority—आवेदन, दस्तावेज, verification, USB Token, MCA/IT पोर्टल में रजिस्ट्रेशन
Innovation दिखाना: Clear USP, “Why Now” स्लाइड, Competitive Edge, patents या तकनीकी लाभ
Non Refundable (Grant)
स्टार्टअप को Proof of Concept (PoC), प्रोटोटाइप डेवलपमेंट या मार्केट ट्रायल जैसी शुरुआती गतिविधियों के लिए कैसी भी धनराशि गिफ्ट—यानि वापस नहीं करनी होती—प्रदान की जाती है।
यह फंड milestones पर आधारित किश्तों (installments) में मिलती है, जैसे कि प्रोटोटाइप पूरा होने पर अगली किस्त जारी की जाती है।
ऋण या Convertible Debenture
अगले चरण में, स्टार्टअप्स को मार्केट में प्रवेश या बिजनेस स्केलिंग के लिए ऋण (loan) या Convertible Debenture के रूप में रुपए प्रदान किए जा सकते हैं।
इस राशि में ब्याज भी हो सकता है, लेकिन यह Repo Rate तक ही रहता है—यानि RBI की मौजूदा रेपो दर से अधिक रुपये राशि नहीं होगी।
अधिकतम अवधि 5 वर्ष हो सकती है, जिसमें 12 महीने का moratorium (भुगतान में राहत अवधि) शामिल हो सकता है।
संक्षेप सारांश
| प्रकार | अधिकतम राशि | वापसी / ब्याज | उपयोग का उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| Grant | ₹20 लाख तक | वापस नहीं करनी होती | PoC, Prototype, Market Trials आदि |
| Loan / Convertible | ₹50 लाख तक | ब्याज (Repo Rate तक) | बिज़नेस स्केलिंग, मार्केट एंट्री आदि |
सेक्टर: मातृ-स्वास्थ्य (fetal monitoring via wearables और AI)
Startup India Seed Fund: ₹50 लाख तक अनवापस योग्य grant
उपयोग: Prototype, clinical trials और Tier-2 अस्पतालों में विस्तार
महत्व: नए mothers और परिवारों को समय पर देखभाल में सुधार
Startup India Seed Fund ने कई तकनीकी हस्तियों को फंडिंग दी:
Dr Omics Labs Pvt Ltd – Genomics और bioinformatics
Utopia Therapeutics Pvt Ltd – Metabolic diseases में विचार
Promecens Entosystems Pvt Ltd – पर्यावरण अनुकूल melanin उत्पादन
Enzychroma (Ethnobio Deeptech Innovations Pvt Ltd) – enzymatic hair-coloring तकनीक
Smart Swift Mobility Pvt Ltd – EV आधारित शहरी logistics, carbon emissions में 25% कमी
Scheme: iSTART (Rajasthan government & Startup India सहयोग)
फंड: ₹5 लाख seed grant
उपयोग: DRONE प्रोटोटाइप विकास (3D प्रिंटर + VR तकनीक)
प्रभाव: उच्च तकनीक से ग्रामीण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा
मॉडल: किसानों और ग्रामीण घरों के लिए renewable energy उत्पाद (solar, biogas) का marketplace
तकनीक: AI-enabled website, rural franchise model
सपोर्ट: Startup India Seed Fund के माध्यम से seed funding
उपलब्धियाँ: महाराष्ट्र, राजस्थान में विस्तार; FICCI की Startup Award 2021 ('Top Agri Innovator during COVID times')
सेक्टर: ग्रामीण क्षेत्र के पास मिनी food-processing units (franchises)
फंडिंग: USD 6 million (~₹45 करोड़) – 3Lines VC और C4D Asia Fund द्वारा
प्रभाव: 1,700+ rural franchises; post-harvest wastage में कमी
small farm-gate processors को अंतर्राष्ट्रीय quality standards तक पहुँचाने में मदद करता है
फंडिंग: USD 525K pre-seed, Wavemaker Impact (Singapore fund) से
लक्ष्य: सततता, food wastage कमी, वैश्विक reach
टेक: IoT सेंसर + मोबाइल ऐप से खेतों के nutritional, moisture, रोग विश्लेषण
फंडिंग: Omnivore Partners और angel investor से seed round
उपलब्धि: Pre-/post-harvest real-time quality monitoring
| स्टार्टअप | सेक्टर | फंड स्रोत | उपयोग/प्रभाव |
|---|---|---|---|
| Janitri | MedTech | SISFS grant (₹50 लाख) | Prototype → clinical testing → scaling |
| DeepTech/Biotech | Biotech | SISFS (₹7–50 लाख) | विविध innovative solutions |
| Kapexa (Drone) | Tech/Drone | iSTART grant (₹5 लाख) | Tech prototyping in rural areas |
| AgriVijay | Renewable Energy | SISFS seed fund | rural energy marketplace, franchise model |
| Our Food | Food Processing | Private VC (₹45 crore) | Mini rural processing units |
| Elevate Foods | Agri-processing | Pre-seed (USD 525K) | global market access |
| AgNext | Agri Analytics | AgTech VC | Real-time quality analytics |
Startup India पहल केवल "पंजीकरण प्रक्रिया" नहीं, बल्कि नवाचार, वित्त, नेटवर्किंग, कानूनी सरलता, और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को संवारने वाली एक संपूर्ण योजना है।
स्टार्टअप की परिभाषा: नवाचारी, स्केलेबल, तकनीकी
DPIIT का योगदान: Fund schemes, छूट, आसान अनुपालन, नेटवर्किंग
आवश्यक दस्तावेज़ & प्रक्रिया: स्पष्ट व्यवस्था के साथ online आवेदन
Pitch & Innovation: स्पष्टता और सटीकता से संवाद करें
सफल केस स्टडीज़: प्रेरणा और मार्गदर्शन के स्रोत
Startup India पहल स्टार्टअप्स को सिर्फ पहचान देती है, बल्कि उन्हें वित्तीय सहायता, कानूनी सुविधा, विपणन अवसर और नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध कराती है। ऊपर दी गई केस स्टडीज़ स्पष्ट रूप से दिखाती हैं कि कैसे विभिन्न सेक्टर के स्टार्टअप्स—infrastructure से लेकर innovation तक—इस पहल के माध्यम से सफल हुए हैं।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें