CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट
उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टार्टअप को प्रोत्साहित करने के लिए UP Startup Policy 2020 लागू की है, जिसमें योग्य स्टार्टअप्स को ₹50 लाख तक का Seed Fund / Seed Grant दिया जाता है। यह राशि स्टार्टअप के प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केटिंग, पेटेंट रजिस्ट्रेशन और संचालन में मदद करती है।
शुरुआती चरण के स्टार्टअप को वित्तीय मदद देना
रोजगार सृजन को बढ़ावा देना
नए और इनोवेटिव आइडिया को बाजार तक पहुंचाना
अधिकतम ₹50 लाख (स्टार्टअप की आवश्यकता के अनुसार)
राशि एक या एक से अधिक किस्तों में दी जा सकती है
राशि का उपयोग: Product development, testing, prototyping, market entry, patent filing, working capital इत्यादि
Seed Grant पाने के लिए स्टार्टअप को ये शर्तें पूरी करनी होंगी:
DPIIT Recognized Startup होना अनिवार्य
Startup का मुख्यालय या संचालन उत्तर प्रदेश में होना चाहिए
Startup का आइडिया इनोवेटिव, स्केलेबल और कमर्शियल होना चाहिए
Startup 10 साल से पुराना न हो
वार्षिक टर्नओवर ₹100 करोड़ से कम होना चाहिए
DPIIT Recognition Certificate
Company Incorporation / Registration Certificate (LLP/Private Limited/Partnership)
Business Plan / Pitch Deck
PAN Card (Company & Founder)
Aadhaar Card (Founder)
Address Proof of Startup
Last 3 years ITR (यदि लागू हो)
Bank Account Details (Startup के नाम पर)
Patent / Trademark Details (यदि हों)
👉 Seed Grant के लिए आवेदन करें:
UP Startup Apply Link —
Startup India Portal पर रजिस्टर करें: https://www.startupindia.gov.in/
DPIIT Recognition Certificate प्राप्त करें (ये UP Seed Grant के लिए जरूरी है)
Visit करें: https://www.startinup.up.gov.in/crm/welcome/registration_new
User Type में “Startup” चुनें
Email, Mobile, Password सेट करें
OTP Verification करें
DPIIT Certificate और अन्य विवरण अपलोड करें
Registration पूरा होने पर State-level Startup ID मिलेगा
StartInUP Dashboard में Login करें
“Apply for Seed Fund” सेक्शन पर जाएं
आवेदन फॉर्म में स्टार्टअप डिटेल, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, फंड आवश्यकता भरें
आवश्यक डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें
आवेदन सबमिट करें
आपकी application चुनी गयी incubator की Incubator Seed Management Committee (ISMC) evaluate करेगी — concept, tech, team, market fit, और milestones के आधार पर। वे additional documents या demo/meeting मांग सकते हैं।
आवेदन की जाँच Startup Nodal Agency और Screening Committee करती है
चयनित स्टार्टअप को Presentation / Pitch के लिए बुलाया जाता है
Approval मिलने पर Seed Fund की राशि जारी की जाती है
राशि का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए हो जिसके लिए मंजूरी मिली है
राशि के उपयोग का रिकॉर्ड और प्रूफ रखना अनिवार्य है
ग़लत उपयोग पाए जाने पर राशि वापस करनी पड़ सकती है
DPIIT recognition तुरंत लें — यह पहला और अनिवार्य कदम है। startupindia.gov.in
Incubator सूची (UP में): StartInUP portal पर UP-based incubators की सूची और SISFS के तहत चुने गए incubators की जानकारी मिलती है — आवेदन करते समय उन्हीं incubators को प्राथमिकता दें। (StartInUP पर UP incubators list देखें)।
Pitch-deck में स्पष्ट milestones + use-of-fund लिखें — incubator milestone-based disbursal पर ध्यान देती है।
अगर आपकी startup Purvanchal/Bundelkhand/Weaker-section impact में आती है तो UP policy के तहत अतिरिक्त state-benefits मिल सकते हैं — इसे application में हाइलाइट करें।
आवेदन से पहले बिज़नेस प्लान और फाइनेंशियल प्रोजेक्शन अच्छे से तैयार करें
DPIIT Certificate और Company Documents वैध और अपडेटेड रखें
Portal पर आवेदन करते समय सभी डॉक्यूमेंट्स PDF फॉर्मेट में और सही नाम से अपलोड करें
UP Startup Policy का Seed Grant, उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए एक सुनहरा मौका है। सही तैयारी और सही प्रक्रिया से आवेदन करने पर ₹50 लाख तक की मदद पाना संभव है, जो आपके Startup को तेजी से आगे बढ़ा सकती है।
📢 आज ही आवेदन करें:APPLY NOW
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