CUET UG 2026 पूरी जानकारी: योग्यता, आवेदन प्रक्रिया, सिलेबस और रिजल्ट
बिहार में बहुत से ऐसे परिवार हैं जो अपने बच्चों को अच्छी पढ़ाई देना चाहते हैं, लेकिन प्राइवेट स्कूल की फीस उनके लिए बड़ी रुकावट बन जाती है। इसी समस्या को हल करने के लिए बिहार सरकार ने Bihar Gyandeep Portal शुरू किया है।
यह पोर्टल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) की धारा 12(1)(c) के तहत काम करता है, जिसमें प्राइवेट स्कूलों को अपनी 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) और वंचित वर्ग (DG) के बच्चों के लिए मुफ्त रखने का नियम है।
यह लेख पूरी तरह ready-to-post है। इसमें आपको उद्देश्य से लेकर आवेदन, चयन, दाखिले और शिकायत तक की हर जानकारी सरल भाषा में मिलेगी।
Bihar Gyandeep Portal एक सरकारी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए पात्र अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में बिना ट्यूशन फीस करा सकते हैं।
इस पोर्टल के जरिए
अभिभावक ऑनलाइन आवेदन करते हैं
स्कूल अपनी 25% RTE सीटें अपलोड करते हैं
चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम से होता है
इससे सिफारिश, दलाली और भ्रष्टाचार की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।
कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को क्वालिटी प्राइवेट एजुकेशन देना
RTE के 25% आरक्षण को पारदर्शी और डिजिटल बनाना
अभिभावकों और स्कूलों के लिए एक ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म
स्कूल एडमिशन में भागदौड़ और खर्च कम करना
इस योजना के तहत बच्चे को ये सुविधाएं मिलती हैं:
नर्सरी / LKG / UKG या कक्षा 1 में प्रवेश
ट्यूशन फीस पूरी तरह सरकार देती है
स्कूल मनमाने ढंग से फीस नहीं ले सकता
बच्चे को बीच में स्कूल से नहीं निकाला जा सकता (नियमों के अनुसार)
पढ़ाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता
ध्यान रखें: यह सुविधा सिर्फ एंट्री लेवल क्लास के लिए होती है।
बच्चा राज्य द्वारा तय आयु सीमा में हो
बच्चा EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) या DG (वंचित समूह) में आता हो
पहले से किसी प्राइवेट स्कूल में नामांकन न हो
परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा तय सीमा के अंदर हो
अभिभावक बिहार का स्थायी निवासी हो
नोट: आय सीमा, आयु और वर्ग से जुड़ी शर्तें हर शैक्षणिक सत्र में नोटिफिकेशन के अनुसार बदल सकती हैं। आवेदन से पहले जरूर जांचें।
बिहार के मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल
स्कूल को पोर्टल पर RTE के तहत 25% सीटें अनिवार्य रूप से अपलोड करनी होती हैं
किसी भी तरह की सिफारिश नहीं चलती
चयन केवल लॉटरी सिस्टम से होता है
आवेदन करते समय ये दस्तावेज तैयार रखें:
बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र
आय प्रमाण पत्र
जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
निवास प्रमाण पत्र
आधार कार्ड (बच्चा या अभिभावक)
पासपोर्ट साइज फोटो
मोबाइल नंबर (OTP और अपडेट के लिए)
बिहार ज्ञानदीप पोर्टल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Student Registration विकल्प चुनें।
बच्चे का नाम
जन्म तिथि
माता/पिता का नाम
मोबाइल नंबर (OTP इसी पर आएगा)
सभी जरूरी जानकारी भरें
दस्तावेज अपलोड करें
नजदीकी या पसंदीदा स्कूल चुनें
आवेदन सबमिट करें
एप्लीकेशन नंबर या रसीद डाउनलोड करके सुरक्षित रखें
दस्तावेजों का सत्यापन होगा
पात्र आवेदनों की कंप्यूटराइज्ड लॉटरी होगी
सभी पात्र बच्चों की लॉटरी निकाली जाती है
आमतौर पर घर के नजदीक स्कूल को प्राथमिकता मिलती है
रिजल्ट पोर्टल पर दिखता है
SMS के जरिए भी सूचना मिलती है
तय तारीख के अंदर अलॉटेड स्कूल में रिपोर्ट करें
सभी ओरिजिनल दस्तावेज साथ ले जाएं
स्कूल द्वारा नामांकन प्रक्रिया पूरी की जाती है
अभिभावक को कोई ट्यूशन फीस नहीं देनी होती
गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द हो सकता है
तय समय पर स्कूल रिपोर्ट नहीं करने पर सीट कैंसिल हो सकती है
एक बच्चे के लिए एक ही आवेदन करें
पोर्टल और SMS अपडेट नियमित चेक करते रहें
पोर्टल पर स्कूल रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
25% सीटों की सही और समय पर जानकारी देना जरूरी
गलत या फर्जी डेटा पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है
फीस रिइम्बर्समेंट केवल सरकारी प्रक्रिया से ही मिलेगा
Q1. क्या यह एडमिशन पूरी तरह फ्री है?
हाँ, RTE के तहत ट्यूशन फीस सरकार देती है।
Q2. किताब और यूनिफॉर्म भी फ्री मिलती है?
यह स्कूल और सरकारी दिशा-निर्देश पर निर्भर करता है।
Q3. अगर स्कूल दाखिला देने से मना करे तो क्या करें?
आप जिला शिक्षा पदाधिकारी या शिक्षा विभाग में शिकायत कर सकते हैं।
Q4. एक बच्चे को कितनी बार मौका मिलता है?
सिर्फ एक बार, एंट्री-लेवल क्लास में।
बिहार ज्ञानदीप पोर्टल उन परिवारों के लिए एक मजबूत सहारा है, जो आर्थिक तंगी के कारण अपने बच्चों को अच्छे प्राइवेट स्कूल में नहीं पढ़ा पाते। यह सिस्टम ऑनलाइन है, पारदर्शी है और सही जानकारी के साथ आवेदन किया जाए तो बच्चों का भविष्य सच में बदल सकता है।
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